नसीम खान सांची
सांची — ऐतिहासिक पर्यटन स्थल सांची में भीषण गर्मी के बीच पेयजल संकट लगातार गहराता जा रहा है। जलस्तर घटने और नगर परिषद के अधिकांश ट्यूबवेल जवाब देने की स्थिति में पहुंचने से लोगों के सामने बूंद-बूंद पानी का संकट खड़ा हो गया है। इसी गंभीर स्थिति को लेकर नगर परिषद ने सोमवार को अर्बन डेवलपमेंट कंपनी के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए कंपनी के हेडगेवार कॉलोनी स्थित कार्यालय और वाटर प्लांट पर ताला जड़ दिया तथा जमकर नारेबाजी की।
जानकारी के अनुसार सरकार द्वारा लगभग 1.25 करोड़ रुपये की जलसंवर्धन योजना के तहत घर-घर पेयजल आपूर्ति की जिम्मेदारी अर्बन डेवलपमेंट कंपनी को सौंपी गई थी। वर्ष 2020 में शुरू हुई इस योजना को वर्ष 2023 तक पूरा किया जाना था, लेकिन वर्ष 2026 तक भी योजना पूरी तरह धरातल पर नहीं उतर सकी। कंपनी द्वारा नदी से पानी लाने के लिए पाइपलाइन तो बिछाई गई, लेकिन घटिया गुणवत्ता के कारण कई स्थानों पर पाइपलाइन फूटने लगी, जिससे योजना पर सवाल खड़े हो गए।
नगर परिषद के अंतर्गत आने वाले अधिकांश ट्यूबवेल सूखने की कगार पर पहुंच चुके हैं और कई स्थानों पर मटमैले पानी की शिकायतें भी सामने आने लगी हैं। स्थिति यह है कि नगर में पिछले लगभग दो माह से दो दिन में एक बार जलापूर्ति की जा रही है और उसका भी समय निर्धारित कर दिया गया है। लगातार बढ़ते तापमान और 42 डिग्री के पार पहुंची गर्मी ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है।
इसी गंभीर स्थिति को देखते हुए नगर परिषद की बैठक आयोजित की गई, जिसमें अध्यक्ष पप्पू रेवाराम, उपाध्यक्ष राजेंद्र सिंह राजपूत, सीएमओ रामलाल कुशवाह, जलप्रभारी महिपत शर्मा सहित पार्षद, पार्षद प्रतिनिधि एवं कर्मचारी मौजूद रहे। बैठक में जलापूर्ति व्यवस्था में लगे कर्मचारियों के अवकाश निरस्त कर दिए गए तथा समय पर जलापूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। वाहन चालकों को भी चौबीस घंटे सतर्क रहने के आदेश जारी किए गए।
बैठक में यह मुद्दा भी जोरशोर से उठा कि पूरे नगर में दो दिन में एक बार जलापूर्ति हो रही है, जबकि हेडगेवार कॉलोनी एवं काछीकाना खेड़ा वार्ड में दिन में दो बार पानी दिया जा रहा है। पार्षदों ने इसे भेदभाव बताते हुए समान व्यवस्था लागू करने की मांग की।
इसके बाद परिषद के जनप्रतिनिधियों का गुस्सा फूट पड़ा और पूरी परिषद ताला लेकर हेडगेवार कॉलोनी स्थित वाटर प्लांट पहुंच गई। वहां कार्यरत कर्मचारियों को बाहर निकालकर प्लांट एवं कंपनी कार्यालय पर ताले जड़ दिए गए और कंपनी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।
नगर परिषद अध्यक्ष पप्पू रेवाराम ने कहा कि परिषद लंबे समय से कंपनी को पत्राचार कर रही है, लेकिन केवल आश्वासन ही मिल रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस गंभीर जलसंकट से आयुक्त स्तर तक अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका है और नगर की जनता पेयजल संकट से जूझ रही है।
वहीं अर्बन डेवलपमेंट कंपनी के प्रबंधक सुबोध जैन ने बताया कि योजना का लगभग पूरा कार्य पूर्ण हो चुका है तथा एक-दो दिन में बिजली कनेक्शन मिलते ही जलापूर्ति शुरू कर दी जाएगी।
भीषण गर्मी के बीच पानी को लेकर बढ़ता जनाक्रोश अब प्रशासन और कंपनी दोनों के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।





