नसीम खान सांची
सांची,,,ऐतिहासिक नगरी सांची में इन दिनों भीषण गर्मी के बीच बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमराती नजर आ रही है। लगातार बढ़ते तापमान के बावजूद विद्युत वितरण मंडल निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाए रखने में नाकाम साबित हो रहा है, जिससे आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अघोषित बिजली कटौती से लोगों में विद्युत कंपनी के प्रति नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है।
जानकारी के अनुसार वर्तमान समय में बिजली आमजन की मूलभूत आवश्यकता बन चुकी है, लेकिन ऐतिहासिक एवं पर्यटन नगरी होने के बावजूद सांची में स्थायी और सुचारू बिजली व्यवस्था सुनिश्चित नहीं हो पा रही है। विद्युत मंडल द्वारा वर्षभर मरम्मत और मेंटेनेंस कार्य किए जाने के दावे तो किए जाते हैं, लेकिन धरातल पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। परिणामस्वरूप उपभोक्ताओं को पूरे साल बिजली संकट झेलना पड़ता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि उपभोक्ता समय पर बिजली बिल जमा नहीं कर पाते तो विभाग तत्काल सख्ती दिखाते हुए कनेक्शन काट देता है और पुनः कनेक्शन जोड़वाने में भी उपभोक्ताओं को काफी मशक्कत करनी पड़ती है। वहीं दूसरी ओर जब उपभोक्ता नियमित रूप से बिल भुगतान करते हैं और इसके बावजूद घंटों बिजली गायब रहती है, तब विभाग की जवाबदेही तय करने का कोई स्पष्ट प्रावधान नजर नहीं आता।
भीषण गर्मी के कारण नगर में जलस्तर लगातार नीचे जा रहा है, जिससे दो दिन में एक बार सीमित समय के लिए पेयजल आपूर्ति की जा रही है। ऐसे में बिजली कटौती पेयजल व्यवस्था पर भी सीधा असर डाल रही है। लोगों का कहना है कि यहां न तो बिजली जाने का कोई निश्चित समय है और न ही आने का। कई बार घंटों तक बिजली गुल रहने से नागरिकों को उमस और गर्मी में परेशान होना पड़ता है।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि जिला प्रशासन द्वारा बिजली और पेयजल संकट को लेकर आदेश तो जारी किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर व्यवस्थाओं में अपेक्षित सुधार दिखाई नहीं देता। हालात यह हैं कि नगरवासी अब बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए भी परेशान होने को मजबूर हैं।
नगरवासियों ने जिला प्रशासन और विद्युत वितरण कंपनी से मांग की है कि भीषण गर्मी को देखते हुए तत्काल प्रभाव से बिजली व्यवस्था में सुधार किया जाए तथा अघोषित कटौती पर रोक लगाकर पेयजल आपूर्ति सुचारू बनाए रखने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
ऐतिहासिक नगरी सांची में यदि समय रहते बिजली और पानी की व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ, तो भीषण गर्मी के बीच आमजन की परेशानियां और अधिक बढ़ सकती हैं।





