नसीमखान सांची
नोटिस जारी, वैधता के दस्तावेज मांगे; नगर परिषद ने पूर्व में जारी अनापत्ति प्रमाण-पत्र भी किया निरस्त।
सांची,,,नगरीय क्षेत्र में लंबे समय से संचालित बताई जा रही अवैध कॉलोनियों का मामला केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान तक पहुंचने के बाद प्रशासन सक्रिय हो गया है। अवैध कॉलोनाइजरों के विरुद्ध जांच और वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। प्रशासन द्वारा संबंधित कॉलोनाइजरों को नोटिस जारी कर कॉलोनियों की वैधता संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
जानकारी के अनुसार नगर क्षेत्र में कई स्थानों पर सर्वसुविधायुक्त आवास उपलब्ध कराने का दावा कर प्लॉट बेचे गए। अनेक लोगों ने लाखों रुपये खर्च कर मकान भी बना लिए, लेकिन बाद में उन्हें पता चला कि संबंधित कॉलोनियां वैधानिक रूप से स्वीकृत नहीं हैं। रहवासियों का आरोप है कि जब उन्होंने सड़क, नाली, बिजली एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की मांग की, तो उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला और कुछ मामलों में अभद्र व्यवहार व धमकियों का भी सामना करना पड़ा।
बताया जाता है कि परेशान रहवासियों ने हाल ही में रात्रि के समय क्षेत्र से गुजर रहे केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान का काफिला रोककर अपनी समस्या से अवगत कराया। मंत्री द्वारा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए जाने के बाद प्रशासन सक्रिय हुआ।
इसके बाद एसडीएम मनीष शर्मा, नायब तहसीलदार ललित सक्सेना तथा नगर परिषद के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) रामलाल कुशवाहा सहित प्रशासनिक अधिकारियों ने संबंधित कॉलोनियों का निरीक्षण कर जांच प्रारंभ की।
जांच के दौरान वार्ड क्रमांक-14, कानाखेड़ा कला स्थित गोपाल धाम कॉलोनी का मामला भी सामने आया। जानकारी के अनुसार नगर परिषद द्वारा पूर्व में वहां बने 8 से 10 मकानों के आधार पर विद्युत कनेक्शन के लिए अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) जारी किया गया था। हालांकि उसी प्रमाण-पत्र में यह भी उल्लेख था कि उक्त कॉलोनी नगर परिषद के अभिलेखों में दर्ज नहीं है।
अब नगर परिषद ने पूर्व में जारी उक्त अनापत्ति प्रमाण-पत्र को निरस्त करते हुए संबंधित कॉलोनाइजर को पत्र जारी किया है। पत्र में उल्लेख किया गया है कि गोपाल धाम कॉलोनी नगर परिषद के किसी भी अभिलेख में दर्ज नहीं है तथा इसके लिए वैधानिक अनुमति भी प्राप्त नहीं की गई है। साथ ही यह भी कहा गया है कि पूर्व में जारी अनापत्ति प्रमाण-पत्र का दुरुपयोग किए जाने की आशंका के चलते उसे तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाता है।
इस घटनाक्रम के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि यदि कॉलोनी पूर्व से ही अवैध थी, तो उस स्थिति में अनापत्ति प्रमाण-पत्र किस आधार पर जारी किया गया। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है। क्षेत्र की अन्य अवैध बताई जा रही कॉलोनियों के संबंध में भी कार्रवाई शुरू होने से कॉलोनाइजरों में हड़कंप की स्थिति है।
इनका कहना है
“अवैध कॉलोनाइजरों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। उन्हें अपनी कॉलोनी की वैधता संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है। दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।”
— रामलाल कुशवाहा, सीएमओ, नगर परिषद सांची
अब सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि प्रशासन की कार्रवाई केवल नोटिसों तक सीमित रहती है या अवैध कॉलोनियों के खिलाफ ठोस और निष्पक्ष कार्रवाई भी सुनिश्चित होती है।





