नसीम खान
सांची,,,ऐतिहासिक एवं विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी सांची में व्यवस्थाएं पूरी तरह चौपट होती दिखाई दे रही हैं। नगरवासी पहले से ही आवारा पशुओं की समस्या से परेशान हैं, वहीं अब व्यस्त बाजार में आवारा घोड़ों की दस्तक ने उनकी परेशानी और बढ़ा दी है। सड़कों से लेकर बाजार और गली-मोहल्लों तक आवारा पशुओं का जमावड़ा जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है।
जानकारी के अनुसार नगर के बाजार में लंबे समय से आवारा पशुओं का जमावड़ा बना हुआ है। ये पशु दुकानों के सामने खड़े रहने के साथ ही मुख्य मार्गों पर भी विचरण करते दिखाई देते हैं। विशेष रूप से आवारा सांडों के कारण लोगों में भय का माहौल बना रहता है। सांडों के आपस में भिड़ने पर कई बार भगदड़ जैसी स्थिति निर्मित हो जाती है। कुछ दिन पूर्व भी सांडों की आपसी भिड़ंत के दौरान एक दुकान में घुसने से सामान अस्त-व्यस्त हो गया था।
हाट बाजार में सबसे अधिक परेशानी
साप्ताहिक हाट बाजार के दौरान स्थिति और गंभीर हो जाती है। बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही के बीच आवारा पशुओं के घूमने से दुकानदारों के साथ खरीदारी करने पहुंचे लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। पशुओं के अचानक दौड़ने या आपस में भिड़ने से भगदड़ की स्थिति बनने का खतरा बना रहता है। पूर्व में भी लोग इन पशुओं के कारण परेशानियां झेल चुके हैं।
नगर की यह समस्या केवल मुख्य मार्गों तक सीमित नहीं है। गली-मोहल्लों में भी आवारा पशुओं का जमावड़ा आसानी से देखा जा सकता है। प्रशासन द्वारा व्यस्त क्षेत्रों से पशुओं को हटाने के लिए कर्मचारियों की तैनाती किए जाने की बात कही जाती है, लेकिन जगह-जगह पशुओं का जमावड़ा इस व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर रहा है।
लाखों की गौशाला, फिर भी सड़कों पर पशु
आवारा गौवंश को सुरक्षित रखने के लिए समीपवर्ती गुलगांव में लाखों रुपये की लागत से गौशाला का निर्माण किया जा चुका है। इसके बावजूद आवारा पशुओं को गौशाला तक पहुंचाने की प्रभावी व्यवस्था दिखाई नहीं दे रही है। परिणामस्वरूप पशु आज भी सड़कों, बाजारों और मोहल्लों में घूमते नजर आते हैं।
अब इसी समस्या के बीच बाजार के व्यस्त क्षेत्रों में आवारा घोड़ों के पहुंचने से लोगों और दुकानदारों की चिंता और बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस समस्या पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो किसी बड़ी दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता।
पर्यटकों की परेशानी भी बढ़ी
सांची विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल होने के कारण यहां देश-विदेश से पर्यटकों का लगातार आना-जाना रहता है। ऐसे में बाजार और प्रमुख मार्गों पर आवारा पशुओं का जमावड़ा नगर की व्यवस्था और पर्यटन छवि दोनों को प्रभावित कर रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को किसी अप्रिय घटना का इंतजार करने के बजाय आवारा पशुओं की समस्या का स्थायी समाधान करना चाहिए।
अब सवाल यह है कि प्रशासन कब जागेगा—हादसे से पहले या हादसे के बाद मे अथवा किसी बडी अनहोनी के बाद टूटेगी नींद।





