रिपोर्ट: Live Khabar India | विदिशा, मध्य प्रदेश
विदिशा, मध्य प्रदेश। ग्रामीण क्षेत्रों में कुपोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाने और स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से अडानी फाउंडेशन द्वारा संचालित परियोजना के अंतर्गत विदिशा ब्लॉक के 96 गांवों की 104 आंगनबाड़ियों में राष्ट्रीय पोषण माह का आयोजन किया गया। 9 सितंबर से 9 अक्टूबर तक चले इस अभियान में पोषण, स्वच्छता, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य और संतुलित आहार को लेकर विभिन्न जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं।
ASO पूर्णिमा दुबे के मार्गदर्शन में 36 सुपोषण संगिनियों ने गांव-गांव और आंगनबाड़ी केंद्रों तक पहुंचकर ग्रामीण परिवारों को बेहतर पोषण का संदेश दिया। उनके प्रयासों से अभियान के दौरान समुदाय की भागीदारी बढ़ाने और परिवारों को स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के प्रति जागरूक करने पर विशेष जोर दिया गया।
96 गांवों में पहुंचा सुपोषण का संदेश
राष्ट्रीय पोषण माह के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता रैलियां निकाली गईं और लोगों को “मेरा गांव–सुपोषित गांव” का संकल्प दिलाया गया। अभियान का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को कुपोषण की रोकथाम, पौष्टिक खान-पान और बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना रहा।

अहमदपुर कस्बे में विशेष पोषण मेले का आयोजन किया गया। इसमें महिलाओं, बच्चों और ग्रामीणों को संतुलित आहार, स्थानीय खाद्य पदार्थों के पोषण संबंधी महत्व तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की जानकारी दी गई।
‘लोकल खाओ, स्वस्थ रहो’ अभियान पर जोर
राष्ट्रीय पोषण माह के अंतर्गत “सुपोषण चैंपियन–लोकल खाओ, स्वस्थ रहो” अभियान के माध्यम से स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पौष्टिक खाद्य पदार्थों को दैनिक आहार में शामिल करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

इस दौरान ASO पूर्णिमा दुबे ने धात्री माताओं को उपहार स्वरूप कटोरी-चम्मच प्रदान किए। साथ ही माताओं और बच्चों के बेहतर पोषण के लिए आवश्यक जानकारी साझा की गई, ताकि परिवारों में पौष्टिक भोजन के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा सके।
आंगनबाड़ियों में हेल्प डेस्क से लेकर कुकिंग डेमो तक
अभियान के दौरान विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों पर सुपोषण हेल्प डेस्क, स्वच्छ आंगनबाड़ी मॉडल, हैंडवॉश गतिविधियां, फैमिली काउंसलिंग, पोषण वाटिका और कुकिंग डेमो आयोजित किए गए।
“सुपोषण स्वच्छ परिवार” अभियान के अंतर्गत परिवारों को व्यक्तिगत स्वच्छता, हाथ धोने के सही तरीकों और मासिक धर्म स्वच्छता के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। स्वच्छता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से परिवारों एवं महिलाओं को साबुन और सैनिटरी नैपकिन भी उपहार स्वरूप वितरित किए गए।

कुकिंग डेमो में गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं, किशोरियों और बच्चों के लिए संतुलित थाली तैयार करने का तरीका समझाया गया। साथ ही स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पौष्टिक खाद्य सामग्री को रोजमर्रा के भोजन में शामिल करने के व्यावहारिक तरीके बताए गए।
खेल और संवाद के जरिए पोषण की जानकारी
पोषण संबंधी संदेशों को रोचक और सरल बनाने के लिए फोकस ग्रुप डिस्कशन के दौरान धात्री महिलाओं के साथ स्नैक लेटर गेम और प्रश्नोत्तरी जैसी गतिविधियां आयोजित की गईं। इनके माध्यम से महिलाओं को पोषण संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।

इसके साथ ही पापा-दादा के साथ सामूहिक चर्चा आयोजित कर बच्चों और माताओं के पोषण में परिवार की भूमिका पर जोर दिया गया। परिवार के सभी सदस्यों को बच्चों के खान-पान, मातृ स्वास्थ्य और बेहतर पोषण संबंधी आदतों को प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित किया गया।
पंचायत प्रतिनिधियों और आंगनबाड़ी कर्मियों की सक्रिय भागीदारी
राष्ट्रीय पोषण माह के सफल आयोजन में ग्राम पंचायतों के सरपंच, सचिव, शिक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई। सुपोषण संगिनियों के सहयोग से आयोजित गतिविधियों ने ग्रामीण समुदाय तक पोषण और स्वच्छता संबंधी संदेश पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
स्वस्थ परिवार से बनेगा सुपोषित समाज
विदिशा ब्लॉक के 96 गांवों और 104 आंगनबाड़ियों में आयोजित इस अभियान के माध्यम से स्थानीय पौष्टिक खाद्य पदार्थों के सेवन, व्यक्तिगत स्वच्छता और मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के महत्व को रेखांकित किया गया।

अभियान का मुख्य संदेश यही रहा कि संतुलित आहार, स्वच्छता और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता अपनाकर कुपोषण की रोकथाम की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा सकते हैं। परिवार और समुदाय की सक्रिय भागीदारी से ही स्वस्थ परिवार और सुपोषित समाज के निर्माण के प्रयासों को मजबूती मिल सकती है।





