नसीम खान
सांची,,, प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी नवंबर माह की 28-29 तारीख को बौद्ध वार्षिकोत्सव की तैयारियां जोरशोर से शुरू हो गई हैं तथा स्तूप परिसर मे स्थित बौद्ध मंदिर एवं महाबोधि सोसायटी श्री लंका सेंटर सांची मे सजावट का कार्यक्रम चल रहा है इस कार्यक्रम में अर्हत सारिपुत्र एवं अर्हत महामोग्गलान की विशेष पूजा का आयोजन होता है महाबोधि विहार स्तूप परिसर में बडी संख्या में बौद्ध श्रद्धालुओ की आने की संभावना है।
विश्व प्रसिद्ध बौद्ध नगरी सांची में नवंबर माह के दौरान आयोजित होने वाले बौद्ध वार्षिक आयोजन के अंतर्गत भगवान गौतम बुद्ध के परम शिष्य अर्हत सारिपुत्र एवं अर्हत महामोग्गलान के पवित्र अस्थि अवशेषों के दर्शन एवं विशेष पूजा का आयोजन किया जाएगा। यह धार्मिक आयोजन 28 एवं 29 नवंबर 2026 को महाबोधि विहार, स्तूप परिसर सांची में संपन्न होगा।
भगवान गौतम बुद्ध के प्रमुख शिष्यों में अर्हत सारिपुत्र और अर्हत महामोग्गलान का विशेष स्थान रहा है। बौद्ध धर्म में इन दोनों महान शिष्यों के प्रति श्रद्धा और सम्मान का विशेष महत्व है। उनके पवित्र अस्थि अवशेषों के दर्शन का अवसर बौद्ध अनुयायियों एवं श्रद्धालुओं के लिए विशेष आध्यात्मिक महत्व रखता है।
दो दिवसीय इस आयोजन के दौरान पवित्र अस्थि अवशेषों के दर्शन के साथ विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी। एवं पावन अस्थियों के स्तूप परिक्रमा कार्यक्रम भी आयोजित किया जाता है सांची जैसे ऐतिहासिक एवं अंतरराष्ट्रीय बौद्ध तीर्थ स्थल पर इस आयोजन को लेकर बौद्ध अनुयायियों और श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह रहने की संभावना है।
यह आयोजन सांची की प्राचीन बौद्ध विरासत और भगवान बुद्ध के महान शिष्यों की स्मृति से जुड़ने का एक महत्वपूर्ण अवसर होता है ।इस कार्यक्रम में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं का जमावड़ा लगता है तथा देशविदेश के श्रद्धालुओं का बडी संख्या में आना होता है इस अवसर पर नगर को दुल्हन की तरह सजाया जाता है तथा सुरक्षा के भी व्यापक इंतजाम किए जाते है इस कार्यक्रम में विशिष्ट अतिविशिष्ट देश विदेश के लोग शामिल होते है श्रद्धालुओं की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए रेलवे प्रशासन द्वारा भी विशेष ट्रेन स्टापेज किए जाते है नगर रेलवे स्टेशन बसस्टैंड चाकचौराहे सडकें स्तूप परिसर बौद्ध मंदिर परिसर सहित लगभग सभी स्थल कैमरों की विशेष निगरानी में रहते है इस कार्यक्रम में मप्र सरकार के सांस्कृतिक विभाग द्वारा भी सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते है नगर परिषद द्वारा भी लोगों को मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने में महत्त्वपूर्ण भूमिका अदा करती हैं कार्यक्रम के दौरान होटलों लाजो सहित अनेक स्थानों पर पुलिस की विशेष नजर रहती हैं इस आयोजन में दूर दराज से व्यवसायी अपनी दुकानें लगाते है जिन्हें व्यवस्थित करने नगर परिषद प्रशासन जुटा रहता है ।इस अवसर पर भगवान बुद्ध के परमशिष्य सारिपुत्र महामोदग्लाइन की पवित्र अस्थियों की पूजा अर्चना करने जापान से श्रीलंका महाबोधि सोसायटी के मुख्य बिहाराधिपति पूज्य वानगल उपतिस्सनायक थैरो विशेष रूप से उपस्थित होते है तथा पूजा अर्चना मे सांची महाबोधि सोसायटी प्रभारी पूज्य वानगल विमलतिस्स नायक थैरो भी शामिल रहते है ।इस अवसर पर सांची महाबोधि सोसायटी प्रभारी वानगल विमलतिस्स नायक थैरो ने बताया कि इस नवंबर माह की 28-29 तारीख में दो दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा इस वार्षिकोत्सव मे भगवान बुद्ध के परम शिष्यों की पवित्र अस्थियों की पूजा अर्चना करने के पश्चात श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ बौद्ध बिहार में रखा जायेगा ।कार्यक्रम हेतु तैयारी शुरू कर दी गई हैं इस कार्यक्रम में बडी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना है।इसी वार्षिकोत्सव को लेकर आज गुरुवार को सांची मे प्रशासन की बैठक आयोजित किए जाने की संभावना भी है।





