नसीमखान सांची
सांची,,नगर में बढ़ते अतिक्रमण को लेकर अब जनप्रतिनिधियों और नागरिकों का आक्रोश खुलकर सामने आने लगा है। वार्ड क्रमांक 7 स्थित शमशान घाट की भूमि पर हुए कथित अतिक्रमण के विरोध में नगर परिषद के पार्षदों एवं नागरिकों ने एसडीएम, नायब तहसीलदार तथा नगर परिषद प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर शमशान घाट को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार वार्ड क्रमांक 7 में स्थित शमशान घाट की भूमि खसरा क्रमांक 238, रकबा 0.951 हेक्टेयर शासन द्वारा अंतिम संस्कार हेतु आरक्षित की गई थी। इस शमशान घाट का उपयोग वार्ड क्रमांक 6, 7, 8 और 9 सहित नगर के अन्य क्षेत्रों के नागरिक भी अंतिम संस्कार के लिए करते हैं। आरोप है कि बीते कुछ वर्षों में शमशान घाट की भूमि पर लगातार अतिक्रमण होता गया, जिससे उसकी अधिकांश भूमि प्रभावित हो गई है। परिणामस्वरूप अंतिम संस्कार के लिए पहुंचने वाले लोगों को भी असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है।
इस गंभीर समस्या को लेकर पार्षद बलराम मालवीय, संतोषी रघुवीर सिंह चौहान, मनफूल बाई लोधी, विवेक तिवारी, स्वाति बंटी मेहरा, अनुराधा राजकुमार वर्मा सहित पूर्व पार्षद गंगाराम अहिरवार, सुखराम, सुनील, तुलाराम, शक्ति मेहरा, राजकुमार, रघुवीर सिंह, मोहरबाई, नरेश एवं असमान सिंह समेत बड़ी संख्या में नागरिकों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में कहा गया है कि कई बार मौखिक रूप से प्रशासन का ध्यान इस ओर आकर्षित कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे नागरिकों में रोष व्याप्त है। जनप्रतिनिधियों ने मांग की है कि शमशान घाट का सीमांकन कराकर तत्काल अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाए।
ज्ञापन पर संज्ञान लेते हुए एसडीएम मनीष शर्मा ने नायब तहसीलदार, मुख्य नगर पालिका अधिकारी तथा थाना प्रभारी को संयुक्त रूप से कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सात दिवस के भीतर आवश्यक कार्रवाई कर शमशान घाट की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के निर्देश दिए हैं।
क्या कहते हैं अधिकारी
ललित सक्सेना, नायब तहसीलदार सांची ने बताया कि एसडीएम कार्यालय से प्राप्त ज्ञापन के आधार पर पटवारी एवं आरआई को मौके का निरीक्षण कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रतिवेदन प्राप्त होते ही नियमानुसार अतिक्रमण के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
रामपाल कुशवाहा, सीएमओ नगर परिषद सांची ने कहा कि नगर परिषद को भी ज्ञापन प्राप्त हुआ है। राजस्व विभाग को पत्र भेजकर शमशान घाट का सीमांकन कराया जाएगा, जिसके बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
अंतिम संस्कार जैसी संवेदनशील व्यवस्था से जुड़ी भूमि पर हुए अतिक्रमण को लेकर अब प्रशासनिक कार्रवाई की घड़ी आ गई है, जिस पर नगरवासियों की निगाहें टिकी हुई हैं।





