नसीम खान
सांची,,, सनातन धर्म में धनतेरस का विशेष धार्मिक एवं पारंपरिक महत्व माना जाता है। मान्यता के अनुसार इस दिन धन-धान्य और सुख-समृद्धि के प्रतीक के रूप में भगवान धन्वंतरि एवं माता लक्ष्मी की पूजा-अर्चना की जाती है। साथ ही शुभ मुहूर्त में नई वस्तुओं की खरीदारी करना भी मंगलकारी माना जाता है। इसी मान्यता के चलते धनतेरस के अवसर पर नगर के बाजारों में खरीदारी के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही बाजार में रौनक दिखाई देने लगी, जो दिनभर बनी रही।
नगर की सड़कों के किनारे माता लक्ष्मी की प्रतिमाओं की दुकानें सजी नजर आईं। वहीं सोने-चांदी के आभूषणों, बर्तनों, विभिन्न प्रकार की आकर्षक झालरों, मोबाइल सहित अन्य दुकानों पर ग्राहकों की अच्छी खासी भीड़ रही। महिला, पुरुषों और बच्चों ने अपनी पसंद एवं जरूरत के अनुसार जमकर खरीदारी की। धनतेरस के अवसर पर परंपरागत रूप से बर्तनों की दुकानों पर भी विशेष चहल-पहल दिखाई दी।
इसके साथ ही पशु चिकित्सालय परिसर में पटाखों का बाजार सजाया गया, जहां भी बड़ी संख्या में लोग खरीदारी करते नजर आए। नगर के विभिन्न क्षेत्रों में पटाखों की गूंज सुनाई देती रही। मिठाई की दुकानों पर भी ग्राहकों की भीड़ लगी रही। दीपावली पर्व की तैयारियों के बीच बाजारों में उत्साह और उल्लास का माहौल दिखाई दिया।
कार्बाइड बंदूकों की बिक्री पर पुलिस की नजर
धनतेरस के अवसर पर बाजारों में बढ़ती भीड़ को देखते हुए पुलिस भी निगरानी करती रही। विशेष रूप से प्रशासन द्वारा प्रतिबंधित कार्बाइड बंदूकों की बिक्री एवं जिला प्रशासन द्वारा मानक प्रक्रिया के तहत रात्रि आठ बजे से दस बजे तक ग्रीन पटाखों पर भी निर्देश दिये गए तथा कुछ पटाखों को प्रतिबंधित भी किया गया है इसी प्रकार विषैले रसायनों पर भी पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाए गए हैं तथा पटाखे दुकानों एवं गौदाम पर भी निगरानी के निर्देश दिये गए है । पुलिस की नजर बनी रही, ताकि प्रतिबंधित सामग्री की बिक्री को रोका जा सके।





