नसीम खान
साँची,,, डॉ. हरीसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय, सागर के योग शिक्षा विभाग द्वारा बुधवार को ‘21वीं सदी की चुनौतियों और उनके समाधान में योग की भूमिका’ विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित की गई। इसमें साँची बौद्ध-भारतीय ज्ञान अध्ययन विश्वविद्यालय के योग विभाग के 22 विद्यार्थियों ने अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए। विद्यार्थियों ने विभागाध्यक्ष डॉ. उपेंद्र बाबू खत्री के नेतृत्व में संगोष्ठी में सहभागिता की।
संगोष्ठी में साँची विश्वविद्यालय के योग एवं आयुर्वेद विभागाध्यक्ष डॉ. उपेंद्र बाबू खत्री मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए। उन्होंने ‘21वीं सदी में भारत के उभरते बहुआयामी संकटों से निपटने के लिए योग: एक परिवर्तनकारी दृष्टिकोण’ विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने अपने वक्तव्य में समकालीन चुनौतियों के समाधान में योग की भूमिका पर प्रकाश डाला।
आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में 150 प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया था, जिनमें से 120 प्रतिभागियों को शोध पत्र प्रस्तुत करने थे। देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए शोधार्थियों, शिक्षकों और विद्वानों ने सामाजिक, पर्यावरणीय एवं मानसिक चुनौतियों के समाधान में योग की उपयोगिता पर विचार-विमर्श किया।
साँची विश्वविद्यालय के 22 विद्यार्थियों द्वारा शोध पत्र प्रस्तुत करना विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं अनुसंधान गतिविधियों में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी को दर्शाता है।





