नसीमखान
सांची ,,इन दिनों लगातार बडते तापमान का असर केवल लोगो पर ही नहीं पड रहा बल्कि वन्यजीव जो मानवजाति से दूरी बनाकर घने जंगलों पहाड़ों की गोद में अपना जीवन यापन करते हैं ।वह भी इस बढते तापमान का खामियाजा भुगत रहे हैं वह भी पानी की तलाश में यहां वहां आबादी के पास पहुंच जाते है ।
जानकारी के अनुसार आजकल लगातार तापमान बढता ही जा रहा है ऐसा लगता है जैसे आसमान आग उगल रहा है धरती अपने अंदर की तपिश बाहर निकाल रही हैं ।यही कारण है कि अब लोग अपने घरों में कैद होकर कूलरों पंखों का सहारा लेकर अपनी गर्मी दूर कर रहे हैं परन्तु यह तापमान से न केवल मानव जीवन खतरे में पडता दिख रहा है बल्कि यह तापमान का खतरा वनप्राणियो पर भी मंडराता दिखाई दे रहा है जबकि वनप्राणियो का जीवन पहाड़ों की कोख में पलता हैं परन्तु इन दिनों पहाड़ों की आग उगलती तपिश ने वनप्राणियो को भी बैचेन कर डाला है वह भी गर्मी से निजात के लिये ठंडे स्थानों की तलाश करते तथा अपनी प्यास बुझाने पानी की तलाश में जंगल छोड़ आबादी से सटे क्षेत्रों तक पहुचने लगे हैं इन दिनों खेतों में खडे घने पेडों का सहारा लेते दिखाई दे जाते है यही हाल वन्य पक्षियों का बना हुआ है पक्षी भी पानी के तलाश मैं विचरण करते हैं इन दिनों स्तूप पहाड़ी की गोद में उछलकूद करते बंदर जो पेडपौध की डालो से दौड भाग करते पर्यटकों का मन मोह लेते थे अब पहाड़ी क्षेत्र से आबादी वाले क्षेत्र में पहुंच कर पानी की तलाश करते दिख जाते है तथा ठंडक का आनंद उठाने घरों की छांव एवं चाक चौराहे के पेडपौध पर अपनी उछलकूद करते दिख जाते है यह वन्य प्राणी मुंह से बोल नहीं पाते परन्तु वन्य जीवों से प्रेम करने वाले लोग इनकी भाषा को समझ लेते है तथा इनके खाने पीने की व्यवस्था जुटाने की जुगत लगाते है ।






