नसीमखान
सांची,,, नगर सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों में रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला शुरू हो चुका है। धीमी लेकिन सतत वर्षा से जल जमीन में समा रहा है, जिससे भूजल स्तर में भी धीरे-धीरे वृद्धि हो रही है। गर्मी के दौरान जलस्तर घटने के कारण नगर में जलापूर्ति दो दिन में एक बार की जा रही थी, जो अब भी यथावत जारी है, जबकि जलस्तर में सुधार आने लगा है।
इस बारिश ने प्रकृति में नई जान फूंक दी है। पेड-पौधों को पर्याप्त जल मिलने से आसपास के जंगलों में हरियाली लौट आई है। पहाड़ों की वह तपती काली चट्टानें, जो गर्मी में दूर से दिखाई देती थीं, अब हरियाली में ढँक गई हैं और जंगल हरे-भरे नजर आने लगे हैं। ऐसा प्रतीत हो रहा है जैसे जंगलों ने हरियाली की चादर ओढ़ ली हो।
हरियाली बढ़ने से न सिर्फ वातावरण शुद्ध हुआ है बल्कि ऑक्सीजन की मात्रा में भी इजाफा हुआ है। साथ ही, वन्य जीवों के लिए यह मौसम राहतभरा बन गया है। घने और हरे जंगलों में उन्हें अब पर्याप्त आहार और आश्रय मिलने से वे आबादी वाले क्षेत्रों की ओर भटकने की संभावना कम हो गई है, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष में भी कमी आने की उम्मीद है।
बरसात की इस सौगात ने नगर और ग्रामीण अंचलों में नई उमंग भर दी है, और प्रकृति की यह हरियाली लोगों के मन को भी शांति प्रदान कर रही है।






