नसीमखान
सांची। एक ओर जहां सरकारें ग्रामीण विकास के दावे करती नहीं थकतीं, वहीं दूसरी ओर ज़मीनी हकीकत कुछ और ही तस्वीर पेश करती है। जनपद पंचायत सांची अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत मढवाई इसका जीता-जागता उदाहरण बन चुकी है, जहाँ पंचायत मुख्यालय खुद बदहाली की मार झेल रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव की सड़कों की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि कई जगहों पर वे दलदल में तब्दील हो गई हैं। बारिश के मौसम में इन पर चलना तक मुश्किल हो गया है, जिससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों के लिए इन रास्तों से आना-जाना बेहद जोखिम भरा बन गया है।
पंचायत और जनपद पंचायत की चुप्पी
ग्रामीणों का कहना है कि कई बार पंचायत को इस समस्या से अवगत कराया गया, परंतु कोई ठोस कार्रवाई अब तक नहीं की गई है। वहीं जनपद पंचायत सांची के अधिकारी भी इस ओर ध्यान देने को तैयार नहीं हैं। इससे लोगों में आक्रोश पनपने लगा है।
स्वच्छता अभियान भी मज़ाक बनकर रह गया
गांव की बदहाल सड़कों के चलते यहां स्वच्छता की कल्पना करना भी मुश्किल है। गंदगी और जलजमाव के कारण बीमारियों का खतरा बना रहता है। गांव में कचरे और कीचड़ की स्थिति देखकर सरकारी स्वच्छता अभियानों की गंभीरता पर भी सवाल खड़े होते हैं।
ग्रामीणों ने ठाना – अब कलेक्टर से गुहार
स्थानीय ग्रामीणों ने अब इस समस्या को लेकर कलेक्टर के समक्ष जाने की योजना बनाई है। उनका कहना है कि जब स्थानीय स्तर पर सुनवाई नहीं हो रही है तो अब उच्च अधिकारियों से मदद की उम्मीद बची है।






