करोड़ों की लागत से बन रहा सीएम राइज स्कूल, लेकिन छात्र दलदल से होकर पहुंच रहे स्कूल तक

नसीमखान

सांची,,
शासन भले ही छात्रों को उत्कृष्ट शिक्षा देने के उद्देश्य से शासकीय उ.मा.वि. को सीएम राइज स्कूल में तब्दील कर रहा हो, लेकिन निर्माणाधीन भवन की लापरवाही ने छात्रों के सामने गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। स्कूल तक पहुंचने के लिए बच्चों को इन दिनों दलदल भरे रास्तों से होकर गुजरना पड़ रहा है।
सरकार द्वारा इस स्कूल को सीएम राइज स्कूल का दर्जा दिया गया है, जहां भविष्य में लगभग दो हजार छात्र एक साथ शिक्षा ग्रहण करेंगे। इस उद्देश्य से परिसर में करोड़ों रुपये की लागत से अत्याधुनिक भवन निर्माण का कार्य पिछले लंबे समय से जारी है, लेकिन कार्य की धीमी गति और अव्यवस्थित निर्माण व्यवस्था छात्रों की राह में रोड़ा बन गई है।
फिलहाल छात्रों की पढ़ाई पुराने भवन में चल रही है, लेकिन निर्माण कार्य के चलते पूरा परिसर कीचड़ और गंदगी में तब्दील हो गया है। स्कूल आने-जाने वाले बच्चों, शिक्षकों और छात्रावास में रहने वाली दूरदराज की सैकड़ों छात्राओं को हर रोज इस गंदगी और दलदल से होकर गुजरना पड़ रहा है।
निर्माण एजेंसी की घोर लापरवाही
न तो निर्माण एजेंसी ने छात्र-छात्राओं के लिए वैकल्पिक रास्ते की व्यवस्था की है और न ही स्कूल प्रबंधन ने कोई कदम उठाया है। निर्माण सामग्री और मलबा बेतरतीब ढंग से परिसर में डंप किया गया है, जिससे स्थिति और बिगड़ गई है। बारिश में कीचड़ और गंदा पानी बच्चों के स्वास्थ्य के लिए भी खतरा बन रहा है। छात्र और छात्राएं गंदे कपड़े और फिसलन से जूझते हुए स्कूल पहुंचने को मजबूर हैं।
छात्रावास और परिवहन भी प्रभावित
स्कूल परिसर से सटे हुए क्षेत्र में तीन आदिवासी छात्रावास संचालित हैं, जहां दूरस्थ ग्रामीण अंचलों की छात्राएं निवास करती हैं। इन्हें भी रोज इसी दलदल से गुजरना पड़ता है।
इतना ही नहीं, सरकार द्वारा छात्रों को लाने-ले जाने के लिए उपलब्ध 6 बसें भी अब खुद दलदल की शिकार हैं। सर्विस रोड कीचड़ में डूबी हुई है, जिससे बसों को खड़े होने की जगह भी ठीक से नहीं मिल पा रही। इन बसों के यहां खड़े रहने से आम लोगों की आवाजाही भी प्रभावित हो रही है।
प्रशासन और एजेंसी की अनदेखी
स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण एजेंसी की धीमी गति और लापरवाही से यह स्थिति बनी है। न तो एजेंसी ने समस्या का हल तलाशा, न ही स्कूल प्रबंधन ने छात्रों की सुविधा को प्राथमिकता दी।
शासन का उद्देश्य छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना है, लेकिन जब बुनियादी पहुंच ही बाधित हो जाए तो शिक्षा भी प्रभावित होती है। जरूरत है कि निर्माण एजेंसी, शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन तत्काल हस्तक्षेप करें और इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान निकालें।

  • editornaseem

    Related Posts

    सीएम हाउस के वैभव पर भारी पड़ी कृषक की आत्मीयता – लोकप्रिय जननायक डॉ. मोहन यादव का जन्मोत्सव भोपाल. नसीमखान राजधानी भोपाल स्थित मुख्यमंत्री आवास ‘ सीएम हाउस’ आज मात्र…

    ग्राम पंचायत भररी में जल गंगा संवर्धन कार्यक्रम का हुआ आयोजन

    रिपोर्टर दीपक कुमार गर्ग शहडोल शहडोल जयसिंहनगर जल संकट को दूर भगाओ, व्यर्थ में पानी न बहाओ जल गंगा संवर्धन अभियान शहडोल जिले में प्रगति पर है। जल गंगा संवर्धन…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    ग्राम पंचायत भररी में जल गंगा संवर्धन कार्यक्रम का हुआ आयोजन

    ग्राम पंचायत भररी में जल गंगा संवर्धन कार्यक्रम का हुआ आयोजन

    गर्मी की दस्तक के साथ ही पानी संकट गहराया, 5 ट्यूबवेल बंद।19 में से 5 ट्यूबवेल ने छोड़ा साथ, जलस्तर गिरने से मटमैला पानी—प्रशासन की तैयारी पर उठे सवाल

    गर्मी की दस्तक के साथ ही पानी संकट गहराया, 5 ट्यूबवेल बंद।19 में से 5 ट्यूबवेल ने छोड़ा साथ, जलस्तर गिरने से मटमैला पानी—प्रशासन की तैयारी पर उठे सवाल

    नगर परिषद का बजट सर्वसम्मति से पारित, विकास कार्यों पर रहेगा फोकस।सौंदर्यीकरण, सीसी रोड, पेयजल, स्वच्छता और बस स्टैंड निर्माण सहित कई प्रस्तावों को मिली मंजूरी

    नगर परिषद का बजट सर्वसम्मति से पारित, विकास कार्यों पर रहेगा फोकस।सौंदर्यीकरण, सीसी रोड, पेयजल, स्वच्छता और बस स्टैंड निर्माण सहित कई प्रस्तावों को मिली मंजूरी

    खेत में आग से तीन एकड़ गेहूं की फसल राख।मेहगांव में अग्निकांड, ग्रामीणों और फायर ब्रिगेड की तत्परता से बड़ा नुकसान टला।

    खेत में आग से तीन एकड़ गेहूं की फसल राख।मेहगांव में अग्निकांड, ग्रामीणों और फायर ब्रिगेड की तत्परता से बड़ा नुकसान टला।

    सिद्धेश्वरी माता मंदिर में धूमधाम से मनाया गया राम जन्मोत्सव।

    सिद्धेश्वरी माता मंदिर में धूमधाम से मनाया गया राम जन्मोत्सव।