नसीमखान
सांची,,
ऐतिहासिक नगर सांची के वासियों को भारी बारिश के बीच भी बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि लोग मानसून की मार से तो जूझ ही रहे हैं, साथ ही सरकारी लापरवाही से भी त्रस्त हैं।
नगर में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित है, मगर इस पर बिजली और पानी की अव्यवस्था ने मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। जिम्मेदार अधिकारी बारिश पूर्व तैयारियों की बात तो करते हैं, लेकिन वास्तविकता में यह तैयारियाँ कागजों तक ही सीमित नजर आती हैं।
बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमराई।
बारिश के साथ ही नगर की बिजली व्यवस्था पूरी तरह लड़खड़ा चुकी है। हल्की बारिश होते ही बिजली गुल हो जाती है, जिससे नागरिकों को घंटों अंधेरे में रहना पड़ता है। बरसात के कारण जमीन में रहने वाले जहरीले कीड़े-मकोड़े जब अपने बिल छोड़कर सूखे स्थानों की तलाश में घरों की ओर रुख करते हैं, तब बिजली की अनुपस्थिति लोगों के लिए डर और खतरे का कारण बन जाती है।
पेयजल आपूर्ति भी बेहाल।
पेयजल संकट की स्थिति भी भयावह है। गर्मियों में जलस्तर गिरने के कारण दो दिन में एक बार जल आपूर्ति की जाती थी, परंतु अब बारिश के बावजूद भी यह आपूर्ति नियमित नहीं हो पा रही है। जिम्मेदार अधिकारी यह कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं कि “बिजली नहीं है, इसलिए पानी की सप्लाई नहीं हो पा रही।” इस प्रकार एक अव्यवस्था को ढकने के लिए दूसरी अव्यवस्था का सहारा लिया जा रहा है।
लाखों की तैयारी सिर्फ दिखावा।
हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी बारिश पूर्व तैयारी के नाम पर लाखों रुपए खर्च किए गए, लेकिन नतीजा वही ढाक के तीन पात निकला। न बिजली व्यवस्था सुधरी, न पानी की सप्लाई। नागरिकों का कहना है कि यह सिर्फ खानापूर्ति और कागजी कार्रवाई है।
यह भी विडंबना है कि सुविधाएं मिलें या न मिलें, लेकिन बिजली और पानी के बिल जरूर आ जाते हैं। जनता सेवाएं नहीं मिलने पर भी पूरी कीमत चुकाने को मजबूर है।
प्रशासनिक उदासीनता बनी बड़ी वजह।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि शासन-प्रशासन दोनों की उदासीनता के चलते आज नगर के लोग मूलभूत सुविधाओं के लिए मोहताज हैं। जिम्मेदार न तो समय रहते व्यवस्थाएं सुधारते हैं और न ही संकट के समय प्रतिक्रिया देते हैं। यही कारण है कि जनता में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।इनका कहना है।।
बिजली के बार बार जाने के कारण समस्या आ रही हैं एवं हमने जल प्रदाय शाखा को निर्देश दिये हैं अब जलस्तर बढ गया है प्रतिदिन 45 मिनट सभी लाइन क्रमानुसार चलाई जाये।रामलाल कुशवाहा सीएमओ नप सांची
बरसात में लोड बढने से केवल फाल्ट होती हैं तथा तेज बारिश के कारण बडी लाइन के तार टूटने की घटना के कारण हमें लाइन बंद कर बिजली सुचारू बनाने के लिए बंद करना पडती हैं जिस कारण समस्या आती है हम हरसंभव प्रयास कर रहे हैं कि बारिश में बिजली व्यवस्था सुचारु बनी रहे ।सभी उपभोक्ताओं से अपील है धेर्य रखें एवं बिजली व्यवस्था बनाने में सहयोग करे ।मनीष श्रीवास्तव जेई सांची






