नसीमखान
सांची। कुछ दिन पहले तक तेज बारिश से उत्साहित किसानों के चेहरों पर अब चिंता की लकीरें गहराने लगी हैं। मानसून की बेरुखी ने खेतों में खड़ी धान और सोयाबीन की फसलों पर संकट के बादल ला दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, कुछ समय पूर्व हुई अच्छी बारिश से किसानों को बंपर फसल की उम्मीद बंधी थी। खेतों में पानी भरने से धान और सोयाबीन की फसलें तेजी से बढ़ने लगी थीं, लेकिन अब बारिश का सिलसिला थम चुका है। मौसम के इस अचानक बदलाव ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है, खासकर उन छोटे किसानों की जो पूरी तरह से मानसून पर निर्भर रहते हैं।
क्षेत्र के अधिकांश किसानों के पास सिंचाई के पर्याप्त साधन नहीं हैं। ऐसे में लगातार सूखे की स्थिति बनी रही तो फसलें खराब होने का खतरा बढ़ सकता है। दूसरी ओर, जिन किसानों के पास निजी संसाधनों से सिंचाई की सुविधा है, वे किसी तरह अपनी फसलों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।
वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी सुरेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि “बारिश थमे हुए अभी अधिक समय नहीं हुआ है, लेकिन यदि आगामी दिनों में बारिश नहीं होती है तो फसलों को नुकसान पहुंचने की संभावना बढ़ जाएगी। किसानों को सलाह दी जाती है कि वे कीटनाशकों का समय पर छिड़काव करें ताकि फसल को कीट रोगों से बचाया जा सके।”
किसानों की नजरें अब आसमान की ओर टिकी हैं। वे जल्द बारिश की उम्मीद में दिन-रात मौसम के बदलते रुख को देख रहे हैं। यदि जल्द बारिश नहीं हुई तो इस बार की फसल पर गहरा असर पड़ सकता है, जिससे आर्थिक संकट और गहराने की आशंका है।






