नसीमखान
किसानों पर सरकारी कार्य में बाधा व दुर्व्यवहार का आरोप।
सांची। बीते शुक्रवार को ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित होने से नाराज़ किसानों का गुस्सा इस कदर भड़क उठा कि उन्होंने बिजली दफ्तर पहुँचकर कर्मचारियों को बाहर निकाल दिया और दफ्तर में ताला जड़ दिया। इस घटना को लेकर शनिवार को मंडल अधिकारियों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें किसानों पर सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करने, दुर्व्यवहार और विद्युत आपूर्ति बाधित करने के आरोप लगाए गए हैं।
जानकारी के अनुसार, इन दिनों बरसात थमने के बाद खेतों में सिंचाई की ज़रूरत बढ़ गई है, लेकिन किसानों को 24 घंटे में मात्र 6 घंटे ही बिजली मिल रही है। इससे धान व सोयाबीन की फसल पर संकट मंडराने लगा। शुक्रवार को बांसखेड़ा, सिलवाहा और फूलबाग के 25-30 किसान 33 केवी ऐरन उपकेंद्र पहुंचे और वहाँ मौजूद कर्मचारियों विकास मेहरा व लाइनमैन अरुण अहिरवार से झूमाझटकी करते हुए सभी फीडर बंद करा दिए, जिससे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति ठप हो गई।
इसके बाद प्रदर्शनकारी सांची बिजली कार्यालय पहुँचे, जहाँ उन्होंने कर्मचारियों को बाहर निकालकर दफ्तर में ताला लगा दिया। सहायक प्रबंधक मनीष कुमार के अनुसार, उस समय दफ्तर में बिजली बिल वसूली की लाखों रुपए की राशि मौजूद थी। इस दौरान कैशियर से भी दुर्व्यवहार किया गया, जिससे किसी बड़ी घटना की आशंका बढ़ गई।
शिकायत में अनिल पिता तेज नारायण बघेल, बादाम सिंह पिता तुलाराम, सोहेल खान पिता बिलाल मोहम्मद, दानिश पिता यूनुस खान, शेख उसामा पिता शेख वहीद खान समेत अन्य के नाम शामिल हैं। अधिकारियों ने आरोप लगाया है कि प्रदर्शनकारियों के इस कृत्य से लंबे समय तक बिजली आपूर्ति बाधित रही और सरकारी कामकाज ठप हो गया।
इनका कहना है
“शुक्रवार को करीब 1 बजे ऐरन उपकेंद्र पर किसानों ने फीडर बंद कराए और कर्मचारियों से झूमाझटकी की। बाद में सांची केंद्र पर भी यही घटना दोहराई गई। हमने पुलिस को शिकायत देकर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।”
— मनीष कुमार, सहायक प्रबंधक, वि.वि. कंपनी सलामतपुर-सांची
“बिजली दफ्तर में ताला लगाने को लेकर मंडल अधिकारियों का आवेदन मिला है। मामले की विवेचना की जा रही है, जो भी दोषी पाया जाएगा, उस पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।”
— जे.पी. त्रिपाठी, थाना प्रभारी, सांची






