नसीमखान सांची
सांची,,नगर में लगातार बढ़ रहे जुआ-सट्टे के जाल पर नई तैनाती के साथ ही थाना प्रभारी जे.पी. त्रिपाठी ने सख्त कार्रवाई का बिगुल बजा दिया है। उनके कड़े रुख और सख्त कार्यशैली से जुआ-सट्टा कारोबार में लिप्त लोगों में हड़कंप मच गया है। बताया जा रहा है कि थाना प्रभारी ने पद संभालते ही पहले तो ऐसे लोगों को चेतावनी दी, इसके बाद कार्रवाई शुरू करते हुए कई मामलों में प्रकरण दर्ज किए गए।
थाना प्रभारी की सक्रियता के बाद नगर में जुआ-सट्टा गतिविधियों पर काफी हद तक अंकुश लग गया है। पहले जहां नगर के कई हिस्सों में खुलेआम जुआ-सट्टा चलता था, वहीं अब स्थिति में बड़ा परिवर्तन देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों ने भी राहत की सांस लेते हुए कहा कि लंबे समय बाद नगर में पुलिस की सख्ती का असर साफ दिखाई दे रहा है।
थाना प्रभारी जे.पी. त्रिपाठी ने नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि अपराधों पर लगाम कसने के लिए पुलिस और जनता का समन्वय आवश्यक है। विगत त्योहारों को देखते हुए भी पुलिस ने विशेष निगरानी बढ़ा दी थी इस बार दीपावली पर जहां पहले जुएं के फड़ आम दृश्य होते थे, वहीं एकाद स्थान को छोड़ इस बार अधिकांश स्थानों पर सन्नाटा देखने को मिला। तथा पुलिस द्वारा कार्यवाही से जुआरियों मे हडकंप की स्थिति बनी रही।
होटलों और लॉजों में चल रही संदिग्ध गतिविधियाँ बनी चिंता का विषय।
सांची जैसे ऐतिहासिक नगर में लंबे समय से होटलों और लॉजों में चल रही कथित अनैतिक गतिविधियाँ अब चर्चा का विषय बन गई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इन स्थानों पर जोड़ों के ठहरने के नाम पर संदिग्ध कारनामे जारी हैं, जिन पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है।
इन गतिविधियों को लेकर नगरवासियों में नाराज़गी बढ़ती जा रही है और यह सवाल भी उठने लगे हैं कि पुलिस की सख्ती जुआ-सट्टा तक ही सीमित क्यों है। नागरिकों ने आशा जताई है कि थाना प्रभारी अपनी कड़ी कार्यशैली के तहत इन अनैतिक गतिविधियों पर भी अंकुश लगाएंगे, ताकि नगर की सामाजिक छवि बनी रहे और युवाओं पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों को रोका जा सके।






