नसीमखान सांची
सांची — चैत्र माह की नौदुर्गा प्रारंभ होते ही ऐतिहासिक नगरी सांची पूरी तरह धार्मिक रंग में रंग गई है। नगर के मंदिरों में विशेष सजावट के साथ पूजा-अर्चना एवं जलाभिषेक का क्रम शुरू हो गया है। सुबह से ही श्रद्धालुओं का मंदिरों में जमावड़ा लगने लगा है, वहीं भजन-कीर्तन के आयोजन भी पूरे उत्साह के साथ किए जा रहे हैं। इन धार्मिक आयोजनों में पुरुषों, महिलाओं और बच्चों की बड़ी संख्या में सहभागिता देखने को मिल रही है।
इसी के साथ नगर में सांप्रदायिक सौहार्द की सुंदर तस्वीर भी देखने को मिली। रमजान माह के अंतिम शुक्रवार पर नगर की जामा मस्जिद में अलविदा जुमे की नमाज अदा की गई, जिसमें आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में नमाजी शामिल हुए। नमाज हाफिज अफसर साहब द्वारा अदा कराई गई। इस अवसर पर उन्होंने देश की खुशहाली, अमन-चैन और भाईचारे की दुआ मांगी।
अपनी तकरीर में हाफिज साहब ने रमजान महीने की पवित्रता और इबादत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि रमजान का महीना विदा होने को है और अब इबादतों का सिला मिलने का समय आ गया है। उन्होंने बताया कि ईद-उल-फितर का त्योहार शनिवार, 21 मार्च को मनाया जाएगा तथा ईद की नमाज प्रातः 8:30 बजे जामा मस्जिद में अदा की जाएगी। उन्होंने सभी से समय से पहले पहुंचने की अपील की।
साथ ही उन्होंने समाज के सक्षम लोगों से गरीब, जरूरतमंद और मिस्कीनों की मदद करने का आह्वान किया, ताकि वे भी ईद का त्योहार खुशी और उल्लास के साथ मना सकें।
सांची में इन दिनों आस्था, उत्साह और आपसी सौहार्द का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है।





