नसीमखान सांची
सांची। नगर में लगातार बढ़ रही कबरबिज्जुओं की समस्या को देखते हुए वन विभाग ने आखिरकार कमर कस ली है। बीते दिनों कबरबिज्जुओं के घरों की छतों और गलियों तक पहुंचने से लोगों में दहशत बढ़ गई थी। सामान्यतः ये जीव वीरान स्थानों, कब्रिस्तान तथा श्मशान भूमि में पाए जाते हैं, जहाँ मृत शरीरों और पशुओं पर निर्भर रहकर भोजन प्राप्त करते हैं। किंतु अब यह स्थिति बदल रही है और कबरबिज्जू आबादी वाले क्षेत्रों में अपना ठिकाना बनाने लगे हैं, जिससे छोटे बच्चों तक में भय का वातावरण बन गया है।
इस गंभीर समस्या को देखते हुए हाल ही में यह मुद्दा समाचार पत्रों की सुर्खियाँ बना था।
जिलावनमंडलाधिकारी के निर्देश पर डिप्टी रेंजर सरजन सिंह मीणा के नेतृत्व में वन विभाग की टीम गुरुवार शाम सांची पहुँची। टीम ने टॉर्च की सहायता से कई स्थानों पर सघन रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया।
कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के नये भवन में भी जाल बिछाकर सर्च किया गया। यहाँ कबरबिज्जुओं की मौजूदगी तो मिली, परंतु अंधेरा अधिक होना और विद्यालय में पुराने कचरे तथा रिकॉर्ड की भरमार होने से उन्हें पकड़ने में टीम को सफलता नहीं मिल सकी।
टीम ने स्थानीय नागरिकों को सलाह दी कि—
घरों के आसपास कचरा ना जमने दें,
साफ-सफाई बनाए रखें,
और कबरबिज्जू दिखने पर पटाखे फोड़कर उन्हें दूर भगाएँ।
डिप्टी रेंजर मीणा ने बताया कि यह ऑपरेशन लगातार जारी रहेगा। कबरबिज्जुओं को पकड़कर जंगलों में छोड़ा जाएगा तथा एक दवा का छिड़काव भी किया जाएगा, जिससे वे आबादी की ओर आकर्षित न हों। देर रात तक भी यह अभियान जारी रहेगा।
विद्यालय के प्राचार्य संजय अग्रवाल ने बताया कि विद्यालय में दो दिनों की छुट्टी के कारण सफाई नहीं हो सकी है, लेकिन सोमवार से विद्यालय खुलते ही सफाई कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
वन विभाग की त्वरित कार्रवाई और नागरिकों की जागरूकता ही नगर को कबरबिज्जुओं के आतंक से जल्द मुक्त करा सकती है ।






