नसीमखान सांची
सांची,,,
नगर में गर्मी की शुरुआत होते ही पेयजल संकट के संकेत नजर आने लगे हैं। नगर परिषद द्वारा जलप्रदाय के लिए लगाए गए 19 ट्यूबवेल में से 5 ट्यूबवेल शुरुआती गर्मी में ही बंद हो चुके हैं, जिससे आने वाले दिनों में गंभीर जल संकट की आशंका बढ़ गई है।
जानकारी के अनुसार नगर की पेयजल आपूर्ति पूरी तरह नगर परिषद पर निर्भर है। वर्तमान में केवल 14 ट्यूबवेल ही कार्यरत हैं, जबकि जलस्तर गिरने के कारण इनमें से भी कई ट्यूबवेल से मटमैला पानी आना शुरू हो गया है। इससे नागरिकों में चिंता का माहौल बन गया है।
नगर में पेयजल आपूर्ति के लिए दो पानी टंकियां स्थापित हैं, लेकिन इसके बावजूद अभी से पानी की कमी महसूस की जा रही है। यदि जल्द ही वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई, तो गर्मी के चरम पर स्थिति और विकराल हो सकती है।
इसी बीच, जिला कलेक्टर द्वारा नए ट्यूबवेल की खुदाई पर रोक लगाए जाने के बावजूद बस स्टैंड परिसर में सरकारी भूमि पर अवैध रूप से ट्यूबवेल खुदाई का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि यह खुदाई नगर परिषद के ट्यूबवेल से महज 100 मीटर की दूरी पर की गई, जिससे जलस्रोत प्रभावित होने की आशंका है।
इस पर नगर परिषद की निष्क्रियता भी सवालों के घेरे में है। हालांकि मामले की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन हरकत में आया है।
क्या कहते हैं जिम्मेदार:
सीएमओ रामलाल कुशवाह ने बताया कि बस स्टैंड परिसर में बिना अनुमति ट्यूबवेल खुदाई की सूचना मिलने पर निरीक्षण कर संबंधित होटल संचालक को नोटिस जारी किया गया है। साथ ही, सरकारी भूमि पर किए गए ट्यूबवेल को अधिग्रहित कर नगर की जल आपूर्ति में उपयोग करने की कार्रवाई की जा रही है।एवं नगर में जलापूर्ति हेतु कदम उठाए जा रहे है जिससे समस्या का समाधान किया जा सके।





