राजर्षि मिश्रा उमरिया
सरकार की योजना को जमीनी स्तर पर उतार कर आम जनता के विकास और हितार्थ काम करना ही प्रशासनिक अधिकारियों का काम है l प्रशासनिक अधिकारी ही सरकार की योजनाओं को आम जनता तक सरलता और सुलभता से पहुंचाते हैं l वही उमरिया जिला कलेक्टर धरनेंद्र कुमार जैन को शहडोल संसद श्रीमती हिमाद्री सिंह के गुस्से का शिकार होना पड़ा l उमरिया कलेक्टर द्वारा जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा और विकास कार्यों में लगातार लापरवाही बरतना महंगा पड़ा l शहडोल संसद के प्रयासों से जिले के विकास और आमजन के कल्याण हेतु लगातार विविध मदो से राशि लाकर जिले का उन्नयन किए जाने का प्रयास किया जाता रहा है किंतु उमरिया कलेक्टर द्वारा जिले में फंड का समय पर समुचित उपयोग ना करने और अनावश्यक हीलाहवाली करने पर उनका हटना तय माना जा रहा था. उल्लेखनीय है उमरिया के दोनों विधायक भी कलेंक्टर के काम से असंतुष्ट रहे हैं .





