नसीम खान सांची
सांची,,, लगातार बढ़ती गर्मी और चढ़ते तापमान के बीच क्षेत्र में पेयजल संकट गहराता जा रहा है। ग्रामीण अंचलों में पानी की समस्या विकराल रूप लेती जा रही है, लेकिन इस संकट से राहत दिलाने के लिए विधायक निधि से खरीदे गए पानी के टेंकर अब भी जनपद पंचायत परिसर में खड़े होकर वितरण की बाट जोह रहे हैं। जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता के चलते जरूरतमंद ग्राम पंचायतों तक ये टेंकर नहीं पहुंच पा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार क्षेत्रीय विधायक डॉ. प्रभुराम चौधरी ने बढ़ते पेयजल संकट को देखते हुए विधायक निधि से ग्राम पंचायतों के लिए पानी के टेंकर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की थी। इसके तहत करीब डेढ़ दर्जन टेंकर खरीदी कर जनपद पंचायत सांची भेजे गए, ताकि जिन पंचायतों में पानी की आपूर्ति के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं हैं वहां इनका उपयोग किया जा सके।
लेकिन विडंबना यह है कि भीषण गर्मी के इस दौर में भी टेंकर पंचायतों तक नहीं पहुंच सके हैं। जनपद पंचायत परिसर में खड़े-खड़े कई टेंकरों के टायरों की हवा तक निकलने लगी है, जबकि दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्र पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। आरोप है कि अधिकारियों के पास इतना समय तक नहीं है कि पंचायत प्रतिनिधियों को बुलाकर टेंकर उनके सुपुर्द किए जा सकें।
ग्रामीणों का कहना है कि जब गर्मी अपने चरम पर है और लोगों को पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है, तब टेंकरों का जनपद परिसर में निष्क्रिय खड़ा रहना प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करता है।तथा उपलब्ध टेंकरों का वितरण न होना भी कहीं न कहीं संदेह खडे कर रहा है । लोगों का यह भी कहना है कि यदि बरसात शुरू होने के बाद टेंकरों का वितरण किया गया तो उसका औचित्य ही समाप्त हो जाएगा।
अब सवाल यह उठने लगा है कि आखिर विधायक निधि से उपलब्ध कराए गए इन टेंकरों का समय रहते वितरण क्यों नहीं किया जा रहा और पेयजल संकट से जूझ रहे ग्रामीणों को राहत देने में देरी किस कारण हो रही है।
भीषण गर्मी में पानी के लिए तरसते ग्रामीणों के बीच जनपद परिसर में खड़े टेंकर व्यवस्था की सुस्ती और लापरवाही की कहानी बयां कर रहे हैं।





