नसीमखान सांची
सांची,,, विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक एवं पर्यटन नगरी सांची में मानसून की शुरुआती बारिश ने नगर की जलनिकासी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बारिश के बाद कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बनने से नागरिकों, राहगीरों और साप्ताहिक हाट बाजार में आने वाले दुकानदारों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रत्येक वर्ष बारिश से पहले नालों और जलनिकासी की तैयारी के दावे किए जाते हैं, लेकिन पहली ही बारिश में व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति सामने आ जाती है।
नगरवासियों का कहना है कि सांची विश्व धरोहर एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल के रूप में अपनी अलग पहचान रखता है। वर्षों से विकास कार्यों पर बड़ी राशि खर्च होने के बावजूद अनेक मूलभूत सुविधाओं की कमी आज भी महसूस की जा रही है। विशेष रूप से जलनिकासी, सड़कों के रखरखाव और सार्वजनिक सुविधाओं को लेकर नागरिक लगातार चिंता व्यक्त करते रहे हैं।
हाट बाजार में जलभराव से बढ़ी परेशानी
गुरुवार को लगने वाले साप्ताहिक हाट बाजार में जलभराव के कारण कई दुकानदारों को पानी के बीच दुकानें लगाने के लिए मजबूर होना पड़ा। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि बाजार की व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी नगर परिषद की है, लेकिन जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से हर वर्ष ऐसी स्थिति बनती है। इसके अलावा बाजार क्षेत्र में आवारा पशुओं की आवाजाही भी दुकानदारों और खरीदारों के लिए परेशानी का कारण बनी रहती है। लोगों का कहना है कि इस संबंध में कई बार प्रशासन का ध्यान आकर्षित कराया गया, लेकिन अपेक्षित सुधार नहीं हो सका।
बारिश में सड़क खुदाई बनी अतिरिक्त समस्या
स्थानीय नागरिकों ने यह भी बताया कि कई स्थानों पर बारिश शुरू होने के बाद ही सड़क खुदाई और अन्य निर्माण कार्य प्रारंभ हो जाते हैं। इससे सड़कें कीचड़युक्त हो जाती हैं और पैदल चलने के साथ-साथ वाहन चालकों को भी कठिनाई का सामना करना पड़ता है। नागरिकों का मानना है कि यदि ऐसे कार्य मानसून से पहले पूरे कर लिए जाएं तो लोगों को अनावश्यक परेशानियों से बचाया जा सकता है।
सांची का प्रतिनिधित्व प्रदेश और केंद्र स्तर के वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों द्वारा किया जाता है। ऐसे में नागरिकों को उम्मीद है कि नगर की आधारभूत समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी और स्थायी कदम उठाए जाएंगे, ताकि विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी की गरिमा के अनुरूप सुविधाएं विकसित हो सकें।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
रामलाल कुशवाहा, मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) ने कहा कि जलभराव की शिकायतों का निरीक्षण कराया जाएगा तथा जहां आवश्यकता होगी वहां जलनिकासी की व्यवस्था कराई जाएगी।
पप्पू रेवाराम, अध्यक्ष नगर परिषद सांची ने बताया कि बस स्टैंड सहित जिन स्थानों पर जलभराव की स्थिति बनी है, उनका निरीक्षण कर आवश्यक व्यवस्था कराई जाएगी ताकि नागरिकों को परेशानी न हो।
अब निगाहें इस बात पर हैं कि जिम्मेदारों के आश्वासन धरातल पर कितनी तेजी से उतरते हैं और मानसून के दौरान नागरिकों को राहत मिल पाती है या नहीं।





