नसीम खान संपादक
रायसेन,,,
स्पेन के पुरातत्व विशेषज्ञ पेरे फेरर मार्सेट , एम्परो मार्टि सोलर व जोस एलियास एस्टेव मोलटो ने बेतवा के उदगम स्थल पर शैल कला व जनजातीय जीवन पर पुस्तक लिखी है। उन्होंने सन् 2005 से अपने संयुक्त दल के सतत जारी अनुसंधान उपरांत स्पेनिश भाषा में प्रकाशित ग्रंथ ” भारतीय शैलचित्र कला में रायसेन ” की प्रथम पांडुलिपि 11 मार्च को रायसेन पहुंचकर कलेक्टर श्री अरविंद दुबे को भेंट की। उनके साथ वरिष्ठ पुराविद डा नारायण व्यास, राजीव लोचन चौबे, डा एचबी सेन व जीएल शाक्य भी उपस्थिति रहे। इस पुस्तक में रायसेन के राम छज्जा में मौजूद शैल चित्रों को सबसे स्पष्ट होना बताते हुए इनके संरक्षण की कलेक्टर से अपील की है।






