रायसेन,
प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना अंतर्गत जिले में गॉवों तथा नगरों के वार्डो में कैम्प लगाकर महिलाओं के आवेदन ऑनलाईन जमा किए जा रहे हैं। जिले में 01 अप्रैल को शाम 06 बजे तक 77 हजार से अधिक महिलाओं के आवेदन ऑनलाईन जमा किए गए हैं। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में 52 हजार से अधिक और नगरीय क्षेत्रों में 25 हजार से अधिक महिलाओं के आवेदन भरे गए हैं। कलेक्टर श्री दुबे द्वारा प्रतिदिन लाड़ली बहना योजना अंतर्गत ऑनलाईन फार्म भरे जाने की कार्यप्रगति की मॉनीटरिंग तथा समीक्षा की जा रही है। जिला एवं खण्ड स्तरीय अधिकारियों द्वारा कैम्पों का निरीक्षण कर कार्य का जायजा लिया जा रहा है। जिले में लाड़ली बहना योजना अंतर्गत सभी पात्र महिलाओं के ऑनलाईन आवेदन जल्द से जल्द जमा हो जाएं, इसके लिए गॉवों तथा वार्डो में कैम्पों की संख्या बढ़ाई जा रही है। दीवार लेखन, स्वच्छता वाहनों सहित अन्य माध्यमों से वार्ड और गाँव-गाँव में योजना का प्रचार-प्रसार कराया जा रहा है।
मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना के अंतर्गत ऐसी श्रेणी की महिला पात्र है जो मध्यप्रदेश की स्थानीय निवासी हो। विवाहित हो, जिनमें विधवा, तलाकशुदा एवं परित्यक्ता महिला भी सम्मिलित हैं।। आवेदन के कैलेण्डर वर्ष में 01 जनवरी की स्थिति में 23 वर्ष पूर्ण कर चुकी हो तथा 60 वर्ष की आयु से कम हो। इसी प्रकार योजना के अंतर्गत ऐसी महिलाएं अपात्र हैं जिनके परिवार की सम्मिलित रूप से वार्षिक आय 2.5 लाख से अधिक हैं। जिनके परिवार का कोई भी सदस्य आयकरदाता है। जिनके परिवार का कोई भी सदस्य भारत सरकार अथवा राज्य सरकार के शासकीय विभाग, उपक्रम, मण्डल, स्थानीय निकाय में नियमित/स्थाईकर्मी/संविदाकर्मी के रूप में नियोजित हो अथवा सेवानिवृत्ति उपरांत पेंशन प्राप्त कर रहा है। परंतु मानसेवीकर्मी तथा आउटसोर्सिंग ऐजेसी के माध्यम से नियोजित कर्मचारी अपात्र नहीं हैं। जो स्वयं भारत सरकार, राज्य सरकार की किसी भी योजना के अंतर्गत प्रतिमाह राशि 1000 रू या उससे अधिक की राशि प्राप्त कर रही है। जिनके परिवार का कोई सदस्य वर्तमान अथवा भूतपूर्व सांसद विधायक हो। जिनके परिवार का कोई सदस्य भारत सरकार अथवा राज्य सरकार के बोर्ड, निगम, मण्डल उपक्रम का अध्यक्ष/उपाध्यक्ष/संचालक/सदस्य हो। इसी प्रकार ऐसे परिवार का कोई सदस्य स्थानीय निकायों में निर्वाचित जनप्रतिनिधि, पंच एवं उपसरपंच को छोडकर हो। ऐसे परिवार के सदस्यों के पास संयुक्त रूप से कुल पाँच एकड़ से अधिक कृषि भूमि हो और जिनके परिवार के सदस्यों के नाम से पंजीकृत चार पहिया वाहन/ट्रैक्टर सहित हों, वह भी अपात्र हैं।
नसीम खान संपादक






