नसीम खान की रिपोर्ट
सांची,,, गुलगांव रेलवे गेट पर निर्माणाधीन ओवरब्रिज का चछुआ चाल से चलते सालों गुजर गए अब जब तैयार होने की कगार पर पहुंचा तो लोगों ने इस पर आना जाना शुरू कर दिया परन्तु इस ओवर ब्रिज पर आवाजाही को रोकने जिम्मेदारों ने ब्रिज पर आडी लाइन लगाकर रोकने के प्रयास किए परन्तु इस पर न तो कहीं रोकने रेडियम का उपयोग किया न ही किसी चौकीदार को छोडा गया जिससे अंधेरे के कारण यह ओवर ब्रिज जानलेवा साबित हो चुका है ।हाल ही में फिर एक व्यक्ति की इस लाइन से टकराकर मौत हो गई। प्रशासन बेखबर बनकर बैठा हुआ है।
जानकारी के अनुसार गुलगांव रेलवे गेट पर वाहनों का दवाब काफी बढ़ गया था तथा इस रेलवे गेट से लगभग पचास गांव की आवाजाही रहती है तथा ट्रेनों की भी आव आवाजाही बढ़ने से लोगों को गेट खुलने का घंटों इंतजार करना पड़ता था तथा सबसे अधिक किसानों को किसानी काम में यह गेट बाधक बन गया था इस गेट पर वाहनों की आवाजाही तथा लोगों की मांग पर इस गेट पर रेलवे ने ओवरब्रिज स्वीकृत किया तथा इस का निर्माण भी सालों पूर्व शुरू करवा दिया गया परन्तु पांच साल से अधिक समय गुजरने पर यह निर्माण कछुआ गति से चलता रहा लोगों ने इस निर्माण को शीघ्र पूरा करने रेल सहित जिला प्रशासन से मांग की परंतु स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया तथा इस ओवर ब्रिज के रास्ते में एक शिवमन्दिर भी आड़े आ रहा था जिससे निर्माण एजेंसी को इसका बहाना मिल गया तथा निर्माण की गति कछुआ ही चलती रही अब जब विधानसभा चुनाव नजदीक आते गए तब सरकारें भी चेती जबकि नीचे से ऊपर तक एक ही दल की सरकार चल रही है परन्तु समस्या को निपटाने किसी ने जहमत नहीं उठाई आखिर चुनाव गतिविधियों के चलते निर्माण की गति बढ़ाई तथा मंदिर भी अपने ही स्थान पर रहा तथा ओवर ब्रिज सड़क को सकरा करते हुए लगभग पूर्ण होने की स्थिति में पहुंचा दिया परन्तु इस ओवरब्रिज से वाहन चालकों ने गेट बंद रहने से इससे जाना आना शुरू कर दिया हालांकि इस ओवर ब्रिज से आवाजाही रोकने निर्माण एजेंसी ने रेल लाइन को आडा लगा दिया गया जिससे लोग गुजर न सके । लापरवाह निर्माण एजेंसी ने लाइन तो आडी लगा दी तथा वाहनों को रोकने हरसंभव प्रयास किए परन्तु इस ब्रिज पर वाहन चालकों को रोकने न तो कहीं कोई बोर्ड ही बनवाकर लगाये गये न ही ब्रिज पर कहीं कोई रेडियम का ही स्तेमाल कर चेतावनी दी गई जिससे लोग ब्रिज से आवाजाही न कर रेलवे गेट से ही करते । परन्तु लापरवाह निर्माण एजेंसी ने लोगों की जान को ख़तरे में डाल दिया तथा दुपहिया वाहन चालक आनन-फानन में इस ओवर ब्रिज से अपने वाहन दौड़ाते दिखाई देने लगे तथा इस ओवर ब्रिज के उद्घाटन होने के पहले ही लोगों की जान से खिलवाड़ होने लगा कुछ समय पूर्व भी दुपहिया वाहन चालक इस रोकने के लिए लगाई लाइन से टकराकर कुछ जखमी तो कुछ मौत की आगोश में समाने लगे ।हाल ही में दो दिन पूर्व ही एक दुपहिया वाहन चालक रात के अंधेरे में ब्रिज पर लगाई लाइन से टकराकर गया सूचना मिलने पर पुलिस ने उसे अस्पताल भेजा तथा अस्पताल से उसे विदिशा रिफर कर दिया गया वहां गंभीर हालत में उसकी मौत हो गई बताया जाता है मृतक विदिशा रामद्वारा गली नं 2 में रहने वाले विवेक का रूप में पहचाना गया था जिसकी बिना किसी संकेतों के बिना किसी रेडियम लगाये हुए आडी लाइन लगा दी गई है जो लोगों की मौत का कारण बन रही है बताया जाता है यह इस ओवरब्रिज पर दुर्घटना का तीसरा मामला था इससे पहले भी वाइक चालक की मौत हो चुकी है बावजूद इसके इन जानलेवा घटनाओं से न तो निर्माण एजेंसी न ही रेल प्रशासन न ही जिला प्रशासन सबक सीख सका है तथा न ही सुध लेने आगे बढ़ पाया है तब लोगों को भी लगने लगा कि प्रशासन की ऐसी ही लापरवाही चलती रही तो किसी बड़ी अनहोनी से इंकार नहीं किया जा सकता है ।






