एम.ए एजुकेशन का पाठ्क्रम इसी सत्र से प्रारंभ करेगा सांची विश्वविद्यालय• सांची में सांची साहित्य पर्व भी आयोजित करेगा विश्वविद्यालय

नसीम खान
सांची,,अकादमिक परिषद में लिए गए कई महत्वपूर्ण निर्णय
• म.प्र संस्कृति मंत्रालय के सहयोग से आचार्य शंकर पीठ की स्थापना होगी
• 2025 में आई.एस.बी.एस सेमिनार का आयोजन होगा
सांची बौद्ध भारतीय ज्ञान अध्ययन विश्वविद्यालय ने जुलाई 2024 से एम.ए एजुकेशन पाठ्यक्रम प्रारंभ करने जा रहा है। इसके साथ ही सांची विश्वविद्यालय सांची में सांची साहित्य पर्व भी आयोजित करेगा। विश्वविद्यालय में आज अकादमिक परिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कुलपति प्रो. वैद्यनाथ लाभ की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि विश्वविद्यालय 2025 में आई.एस.बी.एस (इंटरनेशनल सोसायटी ऑफ बुद्धिस्ट स्टडीज़) का आयोजन किया जाएगा जिसमें एक सत्र बौद्ध दर्शन के महान दर्शनशास्त्री प्रो. जी.सी पाण्डेय पर केंद्रित होगा।
एकेडमिक काउंसिल की इस बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि मध्य प्रदेश शासन संस्कृति मंत्रालय के सहयोग से विश्वविद्यालय में आचार्य शंकर पीठ की स्थापना होगी।
इस बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि विश्वविद्यालय में प्राचीन भारतीय इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग की स्थापना भी होगी। सांची विश्वविद्यालय भारतीय ज्ञान परंपरा पर आधारित सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम भी प्रारंभ करेगा साथ ही विश्वविद्यालय के उद्देश्य के अनुरूप दुर्लभ ग्रंथों का पुनर्प्रकाशन, संपादन, अनुवाद व डिजिटाइज़ेशन करेगा।
सांची विश्वविद्यालय ऋत बोध नामक रिसर्च जर्नल का प्रकाशन भी प्रारंभ करेगा। इसके अलावा विश्वविद्यालय में विपश्यना ध्यान पर एक पाठ्यक्रम भी प्रारंभ किया जाएगा साथ ही विश्वविद्यालय अपनी लाइब्रेरी में जेस्टोर(JSTOR) का ऑनलाइन सब्सक्रिप्शन भी लेगा।
बनारस हिंदु विश्वविद्यालय के प्राचीन भारतीय इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग की पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. पुष्पलता सिंह, कोलकता विश्वविद्यालय के पालि विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. शास्वति मुतसुद्दी, केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर के दर्शन शास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. अंबिका दत्त शर्मा इस बैठक में बाह्य विशेषज्ञ के तौर पर शामिल हुए।
इस बैठक में विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. अलकेश चतुर्वेदी, डीन प्रो. नवीन मेहता, वैदिक दर्शन एवं संस्कृत विभाग के विभागाध्य डॉ. देवेंद्र सिंह, हिंदी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. राहुल सिद्धार्थ, वैकल्पिक शिक्षा विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. प्रभाकर पाण्डेय सम्मिलित हुए।

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