,जांजगीर चांपा छत्तीसगढ़
प्रदेश संवाददाता ,दिलेश्वर चौहान
मुख्यमंत्री विष्णु देव सायं प्रदेशवासियों को छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध लोक पर्व छेरछेरा की बधाई और शुभकामनाएं दी है।
,पूरे छत्तीसगढ़ में अन्न दान, छेरछेरा का पर्व धूमधाम से मनाया गया।
किसान अपनी फसल को काटकर घर में लाते हैं ,और खुशियां मनाते हैं। बूढ़े ,बच्चे और लड़कियां भी अपनी अपनी टोली में सुबह से ही गांव में घूम-घूम कर घरों में जाकर ,
(छेरछेरा कोठी के धान ल हेर हेरा) आवाज लगाते हैं। घर के लोग बाहर आकर धान दान करते हैं।
यह परंपरा सदियों से चली आ रही है। यह त्योहार छत्तीसगढ़ में काफी उत्साह से मनाया जाता है।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा कि अन्न दान महादान है।
छेरछेरा त्यौहार हमारी सामाजिक समरसता ,दानशीलता ,और समृद्ध गौरवशाली परंपरा का संवाहक है ।
इसी दिन मां शाकंभरी जयंती भी मनाई जाती है ।
पौराणिक मान्यता के अनुसार इस दिन भगवान शंकर के माता अन्नपूर्णा से भिक्षा मांगी थी।
इसीलिए लोग धान के साथ साग भाजी फल भी दान करते हैं।
इस दिन छोटे-छोटे बच्चे बड़े लोगों की अलग-अलग समूह में घूम-घूम कर दान लेते हैं और खुशियां मनाते हैं। यह त्योहार छत्तीसगढ़ के इतिहास में दान देने और भाईचारा की अलग मिसल है।
इस परंपरा को बनाए रखने के लिए दादा परदादा से चली आ रही यह त्यौहार बड़े खुशियों के साथ मनाई जाती है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव सायं ने छत्तीसगढ़ के लोगों को सुख समृद्धि और खुशहाली की कामना की है
मुख्यमंत्री ने छेरछेरा के पर्व की पूर्व संध्या पर जारी अपने शुभकामनाएं संदेश में कहा कि छेरछेरा पर्व पौष पूर्णिमा ,के दिन छत्तीसगढ़ में
बड़े ही धूमधाम और उल्लास के साथ मनाया जाता है।






