नसीमखान सांची
सांची,,,,
रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा के मार्गदर्शन में सामाजिक न्याय एवं दिव्यांग सशक्तिकरण विभाग रायसेन के सहयोग से सामाजिक संस्था अजंता ललित कला समाज कल्याण समिति द्वारा अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थों के दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी विरोधी सप्ताह के अंतर्गत जिले के विभिन्न क्षेत्रों में 17 जून से 26 जून तक नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान सांची सहित आसपास के क्षेत्रों एवं जिले के अन्य स्थानों पर नशा मुक्ति प्रचार रथ के माध्यम से जनजागरूकता अभियान चलाया गया।
अभियान के दौरान कलाकारों ने लोक शैली में प्रेरक गीतों की प्रस्तुति देकर ग्रामीणों को नशे से दूर रहने का संदेश दिया।
“दादा छोड़ दो नशा, भैया छोड़ दो नशा…” जैसे लोकगीतों के माध्यम से लोगों को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराया गया और स्वस्थ जीवन अपनाने की प्रेरणा दी गई।
कार्यक्रम में सामाजिक संस्था अजंता ललित कला एवं समाज कल्याण समिति की अध्यक्ष इंदिरा शर्मा ने बताया कि वर्तमान समय में सेडेटिव दवाइयों, ट्रैंक्विलाइजर तथा दर्द निवारक औषधियों का भी दुरुपयोग नशे के रूप में बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि जानकारी के अभाव एवं कृत्रिम आनंद की प्रवृत्ति के कारण लोग औषधीय पदार्थों का अनुचित उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने बिना चिकित्सकीय परामर्श के कफ सिरप विक्रय पर नियंत्रण संबंधी सरकारी प्रयासों की सराहना भी की।
सलामतपुर की राजीव नगर बस्ती में आयोजित कार्यक्रम में भारत सरकार सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के एएसओ शैलेंद्र पायल ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि मादक पदार्थों का दुरुपयोग वैश्विक स्तर पर गंभीर चुनौती बन चुका है तथा इसके नियंत्रण के लिए जनभागीदारी आवश्यक है।
सामाजिक न्याय विभाग के उपसंचालक मनोज बाथम ने कहा कि युवा पीढ़ी को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को आगे आना होगा। उन्होंने बताया कि जिले के शिक्षण संस्थानों एवं विभिन्न विभागों द्वारा चलाए जा रहे नशा मुक्त भारत अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं।
कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने ग्रामीणों को नशा मुक्त भारत अभियान को सफल बनाने की शपथ दिलाई।
इस अवसर पर नशा मुक्त भारत अभियान के राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर वेद प्रकाश शर्मा ने जिले में संचालित नशा मुक्ति केंद्रों में उपलब्ध निःशुल्क उपचार सेवाओं की जानकारी देते हुए कहा कि नशे से बचाव ही सबसे प्रभावी उपाय है। उन्होंने कहा कि एक बार नशे की लत लगने के बाद बाहर निकलना कठिन हो सकता है, लेकिन समय पर उपचार और परामर्श से नशा मुक्ति संभव है।
कार्यक्रम में उत्कर्ष नशा मुक्ति केंद्र (डीडीएसी) के काउंसलर, फील्ड वर्कर एवं अन्य स्टाफ सदस्य भी उपस्थित रहे।
नशा मुक्त समाज की दिशा में जागरूकता ही पहला और सबसे प्रभावी कदम है।





