विदिशा के जंगलों में माफियाओं का कहर, लाखों की सागौन लकड़ी सहित कई मोटरसाइकिलें जप्त

विदिशा (एमपी)

अमित रैकवार
Live खबर इंडिया मध्यप्रदेश

विदिशा के वन अमले के साथ गुना जिले में हुई घटना, राजगढ़, गुना सहित विदिशा का अमला पहुंचा घटना स्थल

  • तड़के सुवह वन माफियाओं के साथ अमले की मुड़भेड़, गाड़ियों के फोड़े कांच वनकर्मी हुए घायल
  • 40 से 50 सागौन तस्करों ने वन विभाग की टीमों पर किया हमला, तीन जिलों की फोर्स ने संभाली कमान
  • वन विभाग की तरफ से पुलिस ने अब तक नही लिखी रिपोर्ट, अमला हुआ लाचार
  • 2 सागौन तस्कर, मोटरसाइकिल सहित भारी मात्रा में लाखों की अवैध सागौन वन विभाग ने की जप्त


गुरुवार की सुवह विदिशा के लटेरी वन अमले को तस्करों की सूचना मिली थी, वन अमले ने कार्यवाही करते हुए लाखों की सागौन सहित कई मोटरसाइकिल जप्त की हैं। कार्यवाही से नाराज हुए तस्करों ने गुना राजगढ़ वाईपास पर वन अमले पर हमला बोल दिया माफियाओं के इस हमले में वन विभाग के कई वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं साथ ही कुछ वनकर्मी भी घायल हुए हैं।


इस वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि तस्करों द्वारा किस तरह से बेसकीमती सागौन के पेड़ो को काटकर नष्ट किया जा रहा है, सूत्रों की माने तो विदिशा के जंगलों से काटकर सागौन की यह लकड़िया राजस्थान, मध्यप्रदेश के भोपाल, राजगढ़, गुना सहित कई जिलों में सप्लाई की जाती हैं।

  • दरअसल लटेरी वन अमले की लगभग 25 सदस्यों बाली टीम ने सूचना के आधार पर विदिशा जिले की सीमा से कुछ दूर गुना ब्याबरा वाईपास पर इन माफियाओं को फ़िल्म पुष्पा की तर्ज पर मोटरसाइकिल से सागौन की तस्करी करते घेर लिया। इस घटनाक्रम के दौरान कुछ वीडियो में साफ तौर पर इन माफियाओं के द्वारा वन अमले पर हमला करते हुए देखा जा रहा है साथ ही सागौन की बेसकीमती लकड़िया भी नेशनल हाइवे पर फैली दिखाई दे रही हैं।


सबसे बड़ा सवाल यह है पिछले साल विश्व आदिवासी दिवस पर रायपुरा के जंगलों में वन अमले के साथ लकड़ी तस्करों की जमकर मुड़भेड़ हुई थी। इस मुड़भेड़ के दौरान एक युवक की वन अमले की बंदूक से मौत होने के बाद आदिवासियों ने जमकर बबाल काटा था जिसके बाद वन अमले के आठ लोगों पर हत्या का मामला दर्ज किया गया था, और जिस नाम दर्ज वनकर्मी निर्मल जाटव को हत्या का मुख्य आरोपी बनाया गया था उसे कुछ माह बाद ही उसी इलाके में तैनात कर दिया गया।

यह दस्तक है उस अपराध की जिसे रोकना अब मुश्किल ही नही अपितु नामुमकिन होता जा रहा है, यह आहट है उस अपराध की जिससे सरकार और प्रशासनिक व्यवस्था के वीच अपराधियों के हौसले बढ़ते जा रहे हैं। विदिशा के जंगलों से सागौन का नामोनिशान मिटाते यह माफ़िया सरकार और उसके सिस्टम को मुंह चिड़ाते नज़र आ रहे है अब स्थानीय लोगों को एक बड़ी कार्यवाही का इंतजार है जिससे कानून व्यवस्था पर लोगों का भरोसा बना रहे।

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