नसीम खान
सांची,,,लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों को अब हुई वर्षा से राहत मिली है। खेतों में नमी आने के बाद किसान सोयाबीन और धान सहित अन्य खरीफ फसलों की बोवनी पूरी करने में जुट गए हैं। इसी बीच कृषि विभाग के अधिकारियों ने गांव-गांव पहुंचकर किसानों को मौसम और उपलब्ध पानी की स्थिति के अनुसार फसल प्रबंधन तथा बेहतर उत्पादन के लिए आवश्यक सुझाव दिए हैं।
जानकारी के अनुसार बारिश में देरी के कारण किसानों में फसलों को लेकर चिंता बनी हुई थी। अब वर्षा होने के बाद खेतों में बोवनी का कार्य तेजी से चल रहा है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों को सलाह दी कि कम पानी की उपलब्धता वाले क्षेत्रों में ऐसी फसलों का चयन किया जाए, जिनमें कम सिंचाई की आवश्यकता होती है। धान की रोपाई करने वाले किसानों को बीज उपचार के बाद स्वस्थ पौध तैयार कर रोपाई करने की सलाह दी गई। वहीं उड़द और मूंग जैसी फसलों में भी अनुकूल परिस्थितियों में बेहतर उत्पादन की संभावना बताई गई।
अधिकारियों ने अधिक पानी की उपलब्धता वाले क्षेत्रों में धान की उचित पद्धति से बोवनी एवं रोपाई करने तथा खेत में नमी के अनुसार फसल प्रबंधन करने की सलाह दी। साथ ही किसानों को बारिश के बाद फसलों में होने वाले कीट एवं रोगों की नियमित निगरानी करने के लिए कहा गया। आवश्यकता पड़ने पर कृषि विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करने तथा रासायनिक उर्वरकों का संतुलित मात्रा में उपयोग करने की बात कही गई।
कृषि विभाग ने किसानों को खरपतवार नियंत्रण पर भी विशेष ध्यान देने की सलाह दी। समय पर निंदाई-गुड़ाई करने से फसल को पर्याप्त पोषक तत्व और नमी मिलने के साथ उत्पादन बेहतर होने की संभावना रहती है। अधिकारियों ने किसानों से खेत की स्थिति के अनुसार ही कृषि दवाओं एवं उर्वरकों का उपयोग करने का आग्रह किया।
कृषि विभाग सांची के वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी सीएल अहिरवार ने अपने दल के साथ विकासखंड के विभिन्न ग्रामों का दौरा कर किसानों से फसलों की स्थिति की जानकारी ली तथा उन्हें बेहतर उत्पादन के लिए आवश्यक तकनीकी सुझाव दिए। इस दौरान किसानों ने भी अपनी फसलों से संबंधित समस्याएं और जिज्ञासाएं अधिकारियों के सामने रखीं, जिनका अधिकारियों ने समाधान बताते हुए उचित फसल प्रबंधन की सलाह दी।
समय पर निगरानी, संतुलित खाद और उचित फसल प्रबंधन से विपरीत मौसम में भी बेहतर उत्पादन की उम्मीद जगी है।





