करोड़ों की जल योजना अधूरी, सांची में गहराया पेयजल संकट।5 साल बाद भी अधूरी परियोजना, ट्यूबवेल जवाब दे रहे; जिम्मेदारों के दावे—20 अप्रैल तक सप्लाई शुरू।

नसीमखान सांची
सांची ,,, विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक नगरी सांची में घर-घर जलापूर्ति का सपना अब तक अधूरा ही बना हुआ है। करोड़ों रुपए की लागत से शुरू की गई जल योजना पांच साल बाद भी धरातल पर पूरी नहीं उतर सकी, जिससे नगर में पेयजल संकट गहराता जा रहा है। हालात यह हैं कि कई ट्यूबवेल जवाब दे चुके हैं और शेष का जलस्तर भी तेजी से गिर रहा है, जिससे लोगों को मटमैला पानी मिलने लगा है।
जानकारी के अनुसार, नगर को जलसंकट से मुक्ति दिलाने के लिए करीब 1.25 करोड़ रुपए की लागत से जल संवर्धन योजना शुरू की गई थी। इस योजना का क्रियान्वयन मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड को सौंपा गया था। वर्ष 2020 में शुरू हुई इस परियोजना को 2023 तक पूरा करने का लक्ष्य था, लेकिन 2026 में भी यह अधूरी है।
शुरुआत में हलाली डेम से पानी लाने की योजना थी, जिसे बाद में बदलकर करीब 12 किलोमीटर दूर मरमटा नदी से जल लाने का प्रावधान किया गया। इसके लिए हेडगेवार कॉलोनी में फिल्टर प्लांट बनाया गया और नगर में पाइपलाइन बिछाने के लिए करोड़ों की सीमेंट सड़कों की खुदाई कर दी गई। साथ ही दो पानी की टंकियां भी निर्मित कराई गईं, लेकिन इसके बावजूद घर-घर जलापूर्ति शुरू नहीं हो सकी।
परियोजना में देरी और लापरवाही को लेकर परिषद बैठकों में कंपनी के जिम्मेदारों को कई बार चेतावनी दी गई, लेकिन इसका कोई खास असर नहीं दिखा। स्थानीय प्रशासन के पत्र और निर्देश भी कंपनी पर बेअसर रहे, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
नगर परिषद के अनुसार, 19 ट्यूबवेल में से 5 पूरी तरह बंद हो चुके हैं, जबकि शेष 14 का जलस्तर भी लगातार घट रहा है। इससे जल गुणवत्ता प्रभावित हो रही है और लोगों को दूषित पानी मिलने की शिकायतें बढ़ रही हैं। भीषण गर्मी के बीच यह स्थिति और गंभीर हो गई है।
इस पूरे मामले को लेकर नगर में कंपनी की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों के बीच यह चर्चा भी तेज है कि योजना के नाम पर करोड़ों रुपए खर्च होने के बावजूद अपेक्षित परिणाम नहीं मिले, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही पर प्रश्नचिन्ह लग रहे हैं।
क्या कहते हैं जिम्मेदार।।
“कंपनी को स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि एक सप्ताह के भीतर जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए।”
— पप्पू रेवाराम, अध्यक्ष, नगर परिषद सांची
“हमने पत्र जारी कर स्वयं निरीक्षण किया है। कंपनी ने 20 अप्रैल तक जलापूर्ति शुरू करने का आश्वासन दिया है।”
— रामलाल कुश्वाह, सीएमओ, नगर परिषद सांची
“अधिकांश लाइनों की टेस्टिंग पूरी हो चुकी है। 20 अप्रैल तक जलापूर्ति शुरू कर देंगे।”
— आकाश, इंजीनियर, अर्बन डेवलपमेंट कंपनी
करोड़ों खर्च के बाद भी प्यासा सांची—अब 20 अप्रैल की तारीख पर टिकी हैं लोगों की उम्मीदें।

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