नसीम खान
सांची,,, ऐतिहासिक नगरी सांची में कुछ समय पूर्व ही आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित पोस्ट ऑफिस के नवीन भवन का निर्माण कर इसे आकर्षक स्वरूप दिया गया था। इससे नगर की सुंदरता में चार चांद लग गए थे, लेकिन अब इसी पोस्ट ऑफिस के सामने बनी झुग्गी-झोपड़ी इसकी सुंदरता पर दाग लगाती नजर आ रही है। एक ओर करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित भवन नगर की खूबसूरती बढ़ा रहा है, वहीं दूसरी ओर इसके सामने दिखाई देने वाली झोपड़ी और स्तूप मार्ग पर बेतरतीब लगी दुकानें एवं गुमठियां इस ऐतिहासिक स्थल की छवि को प्रभावित कर रही हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार विभागों की ओर से इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, विश्व प्रसिद्ध बौद्ध स्तूपों के लिए पहचान रखने वाली सांची में देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटकों का आवागमन होता है। स्तूप के प्रथम प्रवेश द्वार के सामने स्थित पोस्ट ऑफिस का भवन वर्षों पुराने स्वरूप में था। इसे आधुनिक सुविधाओं से युक्त बनाने के लिए संबंधित विभाग द्वारा करोड़ों रुपये की लागत से नवीन भवन तैयार कराया गया। भवन में आवश्यक सुविधाओं के साथ आकर्षक गार्डन भी विकसित किया गया, जिससे यह परिसर ऐतिहासिक नगरी के अनुरूप सुंदर दिखाई देने लगा। हाल ही में पूर्व मंत्री एवं क्षेत्रीय विधायक डॉ. प्रभुराम चौधरी ने इस नवीन पोस्ट ऑफिस भवन का उद्घाटन किया था। इस अवसर पर नगर परिषद अध्यक्ष पप्पू रेवाराम अहिरवार सहित नगर के अनेक जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे थे।
लेकिन अब पोस्ट ऑफिस के सामने झुग्गी-झोपड़ी दिखाई देने से इस परिसर की सुंदरता प्रभावित होने लगी है। यही स्थिति स्तूप मार्ग पर भी नजर आ रही है। मुख्य चौराहे से लेकर स्तूप के प्रथम प्रवेश द्वार और टिकट घर के सामने तक जगह-जगह बेतरतीब दुकानें एवं गुमठियां लगने से लाखों रुपये की लागत से निर्मित आकर्षक फुटपाथ की सुंदरता भी प्रभावित हो रही है। इससे स्तूपों तक पहुंचने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों के सामने नगर की छवि पर विपरीत प्रभाव पड़ने की आशंका है।
विडंबना यह है कि ऐतिहासिक नगरी की सुंदरता बनाए रखने के लिए जहां योजनाओं पर लाखों-करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर इन निर्माणों के आसपास अव्यवस्थित गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण दिखाई नहीं दे रहा है। पोस्ट ऑफिस परिसर के सामने झुग्गी-झोपड़ी और स्तूप मार्ग पर बेतरतीब दुकानें-गुमठियां नगर की सुंदरता पर सवाल खड़े कर रही हैं। इस स्थिति में पुरातत्व विभाग, स्थानीय प्रशासन, फुटपाथ निर्माण से संबंधित विभाग तथा राजस्व विभाग की जिम्मेदारी भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
अब सवाल यह है कि ऐतिहासिक नगरी की सुंदरता और पर्यटकों के सामने इसकी गरिमामय छवि बनाए रखने के लिए जिम्मेदार विभाग कब जागेंगे। यदि समय रहते इस ओर ध्यान नहीं दिया गया तो आकर्षक निर्माणों के बावजूद अव्यवस्थित व्यवस्थाएं सांची की पहचान और सुंदरता को प्रभावित करती रहेंगी।





