नसीम खान
सांची ,,, ऐतिहासिक नगरी सांची में जब-जब त्योहारों का दौर आता है, तब-तब बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा जाती है। शांति समिति की बैठकों में प्रशासन द्वारा त्योहारों को निर्विघ्न संपन्न कराने के लिए तमाम सुविधाएं उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया जाता है, लेकिन त्योहार शुरू होते ही यह भरोसा हवा-हवाई साबित हो रहा है।
इन दिनों शारदीय नवरात्रि का पावन पर्व चल रहा है। दुर्गोत्सव के चलते नगर के विभिन्न स्थानों पर मां दुर्गा की मनमोहक झांकियां सजाई गई हैं। मां के दरबार में पूजा-अर्चना के लिए दिन-रात भक्तों का तांता लगा हुआ है। महिलाओं, पुरुषों और बच्चों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। झांकियों पर प्रतिदिन धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी हो रहा है।
लेकिन इस भक्ति और उल्लास के बीच बिजली की आंख-मिचौली ने भक्तों का उत्साह फीका कर दिया है। दिन हो या रात, अचानक बिजली गुल हो रही है। घंटों तक लाइट नहीं आ रही, जिससे पंडालों में अंधेरा पसरा रहता है।
भक्तों का कहना है कि अंधेरे के कारण पूजा-अर्चना और दर्शन में भारी परेशानी हो रही है। बच्चों और महिलाओं को सबसे ज्यादा दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। लगातार बिजली गुल रहने से न केवल भक्तों में बल्कि आम नगरवासियों में भी विद्युत विभाग और प्रशासन के प्रति भारी रोष व्याप्त है।
इधर, झांकियां अंधेरे में डूबी रहने से उनकी सुंदरता भी फीकी पड़ रही है। दर्शन के लिए उमड़ने वाली भीड़ को भी परेशानी उठानी पड़ रही है, परन्तु इस गंभीर समस्या की ओर प्रशासन का कोई ध्यान नहीं है। प्रशासन इस अव्यवस्था से पूरी तरह अनजान बना बैठा है।
भक्तों ने की सुचारू बिजली आपूर्ति की मांग
नगरवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि त्योहारों के दौरान कम से कम निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि दुर्गोत्सव का पर्व शांतिपूर्ण और रोशनी के साथ मनाया जा सके।





