भीषण गर्मी में सांची बेहाल: बिजली-पानी ने छोड़ा साथ, प्रशासन बेपरवाह।करोड़ों की योजनाओं के दावे हवा में, जलसंकट और बिजली कटौती से त्रस्त आमजन

नसीमखान सांची

सांची,,, विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक नगरी सांची इन दिनों भीषण गर्मी के बीच मूलभूत सुविधाओं के गंभीर संकट से जूझ रही है। बढ़ते तापमान के साथ बिजली और पानी की बदहाल व्यवस्था ने आमजन का जीवन कठिन बना दिया है। हालात यह हैं कि प्रशासन और सरकार के दावे जमीनी स्तर पर बेमानी साबित हो रहे हैं।
नगर में विकास के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद कई क्षेत्रों में सड़क, नाली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं आज भी अधूरी हैं। जिम्मेदार अधिकारियों की अनदेखी के चलते लोगों में आक्रोश व्याप्त है। ऐसा भी नहीं है कि जिम्मैदारो के संज्ञान में लाकर मूलभूत सुविधाओं की मांग न उठी हो। सीएम हेल्पलाइन तक शिकायतें पहुंचने के बावजूद समाधान केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित नजर आ रहा है।
विकराल गर्मी में गहराया जल संकट
गर्मी के बढ़ते ही पेयजल संकट विकराल रूप ले चुका है। पहले जहां सीमित समय के लिए जलापूर्ति हो रही थी, अब दो दिन में एक बार पानी दिया जा रहा है, वह भी अनिश्चित समय पर। इससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
नगर में जल संवर्धन योजना के तहत करीब 1.25 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे। वर्ष 2020 में शुरू हुई इस योजना का उद्देश्य 2023 तक हर घर जल पहुंचाना था, लेकिन समय सीमा बीतने के बाद भी योजना अधूरी है। पाइपलाइन के नाम पर सड़कों को खोद दिया गया, लेकिन जलापूर्ति व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं हो सका।
बिजली व्यवस्था भी चरमराई
सांची को कभी 24 घंटे बिजली आपूर्ति के लिए वीआईपी श्रेणी में रखा गया था, लेकिन वर्तमान में बिजली आने-जाने का कोई निश्चित समय नहीं है। बार-बार केबल जलने और अनियमित सप्लाई से हालात और बिगड़ गए हैं। बिजली व्यवस्था की इस अव्यवस्था का सीधा असर पेयजल आपूर्ति पर भी पड़ रहा है।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि मंडल जिम्मेदार अधिकारी क्षेत्र में उपलब्ध नहीं रहते और फोन कॉल का जवाब भी नहीं देते जिससे आमजन की समस्या का हल नहीं हो पाता है
इस संबंध में संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका पक्ष प्राप्त नहीं हो सका।
विश्व धरोहर की पहचान रखने वाला सांची आज मूलभूत सुविधाओं के अभाव में उपेक्षा का दंश झेल रहा है।

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