नसीम खान
सांची,,,, दीपावली जैसे महत्वपूर्ण पर्व को लेकर जहां लोग कई दिन पहले से तैयारियों में जुट जाते हैं, वहीं शासन भी इस महापर्व को देखते हुए पहले ही अवकाश घोषित कर देता है। लेकिन इस वर्ष शासन द्वारा घोषित दीपावली अवकाश के बावजूद शिक्षा विभाग ने शिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम के आदेश जारी कर दिए हैं। इससे शिक्षकों में नाराजगी व्याप्त है।
जानकारी के अनुसार दीपावली का पर्व सनातन धर्म में विशेष महत्व रखता है। इस पर्व पर घरों में साफ-सफाई से लेकर महालक्ष्मी पूजन तक की तैयारियां कई दिन पहले शुरू हो जाती हैं। वहीं धनतेरस का पर्व भी दीपावली उत्सव का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। इसके बावजूद सांची शिक्षा विभाग द्वारा कक्षा 6 से 8 तक के शिक्षकों के लिए 2 नवंबर से 6 नवंबर तक प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने के आदेश जारी किए गए हैं। यह शिविर रायसेन स्थित प्रेसीडेंट कॉलेज में प्रतिदिन सुबह 9:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक आयोजित किया जाना है। ऐसे में शिक्षकों को धनतेरस जैसे महत्वपूर्ण पर्व के दिन भी प्रशिक्षण में शामिल होना पड़ेगा।
इस संबंध में समग्र शिक्षक संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष पुरुषोत्तम शर्मा ने नाराजगी जताते हुए कहा कि दीपावली हिंदू समाज का महत्वपूर्ण पर्व है। इसे मनाने के लिए सभी लोग काफी पहले से तैयारियां करते हैं, लेकिन विभाग ने 2 से 6 नवंबर तक प्रशिक्षण कार्यक्रम निर्धारित कर दिया है। इससे क्षेत्र के शिक्षकों को त्योहार के समय रायसेन पहुंचना पड़ेगा और वे धनतेरस जैसे महत्वपूर्ण पर्व की तैयारियों एवं आयोजन से वंचित रह सकते हैं। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा 6 से 10 नवंबर तक अवकाश घोषित किया गया है, ऐसे में प्रशिक्षण शिविर दीपावली के बाद भी आयोजित किया जा सकता था।
उन्होंने यह भी बताया कि पूर्व में इस प्रकार के प्रशिक्षण शिविर ब्लॉक स्तर पर सांची में ही आयोजित किए जाते रहे हैं। ऐसे में रायसेन में प्रशिक्षण आयोजित करने के निर्णय पर भी सवाल उठ रहे हैं।
इस मामले में जब विकासखंड स्रोत समन्वयक सांची से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
अब सवाल यह है कि जब शासन ने त्योहार के मद्देनजर अवकाश घोषित कर रखा है, तो शिक्षा विभाग ने उसी अवधि में प्रशिक्षण कार्यक्रम निर्धारित करने की आवश्यकता क्यों समझी?





