सांची में प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी होगा ऐतिहासिक रामलीला का भव्य आयोजन।22 दिसंबर से 9 जनवरी तक चलेगा कार्यक्रम। धार्मिक-सांस्कृतिक महोत्सव, देश-विदेश के पर्यटकों के पहुंचने की संभावना।

नसीमखान सांची
सांची,,
वैश्विक पहचान रखने वाला ऐतिहासिक नगर सांची अपनी धार्मिक-सांस्कृतिक परंपराओं के लिए भी प्रसिद्ध है। इसी परंपरा को जीवंत बनाए रखते हुए प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी नगर में ऐतिहासिक रामलीला का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन के दौरान जहां धार्मिक आस्था को सुदृढ़ किया जाता है, वहीं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से समाज को संस्कारों से जोड़ा जाता है।
श्रीरामलीला समिति सांची से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस वर्ष रामलीला का शुभारंभ 22 दिसंबर 2025, सोमवार को भगवान गणेश की स्थापना के साथ होगा, जबकि 9 जनवरी 2026, शुक्रवार को भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक के साथ भव्य समापन किया जाएगा।
कार्यक्रम विवरण अनुसार 22 दिसंबर इस आयोजन का भगवान श्री गणेश स्थापना के साथ शुभारंभ होगा।
23 दिसंबर को श्री शिव विवाह एवं नारद मोह,
24 दिसंबर को श्रीराम जन्म, विश्वामित्र आगमन, ताड़का वध एवं यज्ञ रक्षा,
25 दिसंबर को अहिल्या उद्धार, जनकपुर भ्रमण एवं वाटिका मिलन,
26 दिसंबर को धनुष यज्ञ तथा लक्ष्मण-परशुराम संवाद,
27 दिसंबर को श्रीराम बारात एवं विवाह,
28 दिसंबर को कैकेयी के दो वरदान एवं श्रीराम वनवास,
29 दिसंबर को केवट संवाद, दशरथ मरण एवं भरत मिलाप,
30 दिसंबर को पंचवटी वास, शूर्पणखा नाक-कान भंग एवं खर-दूषण वध,
31 दिसंबर को सीता हरण एवं जटायु उद्धार की लीला का मंचन किया जाएगा।
नववर्ष 2026 में—
1 जनवरी को शबरी मिलन, सुग्रीव मैत्री एवं बाली वध,
2 जनवरी को सीताजी की खोज एवं लंका दहन,
3 जनवरी को विभीषण शरणागति, सेतुबंध, अंगद-रावण संवाद,
4 जनवरी को लंका आक्रमण एवं लक्ष्मण शक्ति,
5 जनवरी को कुंभकर्ण वध तथा 30 फीट ऊंचे कुंभकर्ण पुतले का दहन,
6 जनवरी को मेघनाद वध,
7 जनवरी को अहिरावण वध,
8 जनवरी को श्रीराम-रावण युद्ध, रावण वध एवं विभीषण राज्याभिषेक,
तथा 9 जनवरी को श्रीराम राज्याभिषेक के साथ रामलीला का समापन होगा।
इस रामलीला मंचन में नगर के युवा कलाकार विभिन्न पात्रों की भूमिकाएं निभाएंगे। आयोजन के दौरान होने वाले कार्यक्रमों को देखने के लिए हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी देश-विदेश से पर्यटकों सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु व दर्शकों के पहुंचने की संभावना है।
आस्था, संस्कृति और परंपरा का संगम बनी सांची की रामलीला, हर वर्ष की तरह इस बार भी नगर को भक्तिमय वातावरण से सराबोर करेगी।

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