नसीम खान
सांची,,,सांची से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर सांदीपनि विद्यालय के समीप बनाए गए अवैज्ञानिक गतिअवरोधक अब स्थानीय नागरिकों के लिए परेशानी का सबब बनते जा रहे हैं। छात्रों की सुरक्षा के नाम पर बनाए गए इन स्पीड ब्रेकरों में तकनीकी मानकों की अनदेखी किए जाने से जहां वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा बना हुआ है, वहीं आसपास रहने वाले लोगों की रातों की नींद भी उड़ गई है।
सबसे चिंताजनक स्थिति यह है कि इन गतिअवरोधकों को लेकर स्थानीय नागरिक कई बार शिकायत कर चुके हैं और समाचार पत्रों के माध्यम से भी जिम्मेदार विभागों का ध्यान आकर्षित कराया जा चुका है। इसके बावजूद राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े जिम्मेदार विभाग और जिला प्रशासन अब तक समस्या के स्थायी समाधान को लेकर गंभीर नजर नहीं आए हैं।
रात में बन जाते हैं परेशानी का कारण
दिन के समय तो वाहन चालक किसी तरह इन गतिअवरोधकों को देख लेते हैं, लेकिन रात में पर्याप्त रेडियम मार्किंग, संकेतक एवं चेतावनी बोर्ड नहीं होने से ये वाहन चालकों को स्पष्ट दिखाई नहीं देते। तेज रफ्तार वाहन अचानक स्पीड ब्रेकर पर चढ़ते हैं तो जोरदार धमाके जैसी आवाज होती है। रातभर वाहनों के गुजरने से होने वाली इन तेज आवाजों के कारण आसपास के रहवासियों, बुजुर्गों और छोटे बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
संजीत वर्मा ने कहा—सुरक्षा के नाम पर बढ़ा दिया खतरा
स्थानीय निवासी संजीत वर्मा का कहना है कि विद्यालय के पास बच्चों की सुरक्षा के लिए गतिअवरोधक बनाए जाना उचित है, लेकिन उन्हें निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप बनाया जाना चाहिए। वर्तमान में इनकी बनावट और संकेत व्यवस्था ऐसी है कि वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा और बढ़ गया है। कई बार शिकायत करने के बावजूद सुधार नहीं होना जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।
लालाराम साहू बोले—रातभर की आवाज से लोगों की नींद हराम
स्थानीय नागरिक लालाराम साहू ने कहा कि इन स्पीड ब्रेकरों के कारण रात के समय होने वाली तेज आवाजों से रहवासी बेहद परेशान हैं। अचानक वाहनों के उछलने से धमाके जैसी आवाज होती है और कई बार ऐसा लगता है कि कोई बड़ा हादसा हो गया। प्रशासन को मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति देखना चाहिए और जनहित में इन गतिअवरोधकों को हटाकर मानक के अनुसार निर्माण या सुधार कराना चाहिए।
हादसे के बाद जागने का इंतजार क्यों?
क्षेत्रवासियों का कहना है कि जब समस्या को लेकर बार-बार शिकायतें की जा रही हैं और मामला जिम्मेदार अधिकारियों के संज्ञान में भी है, तो कार्रवाई के लिए किसी बड़े हादसे का इंतजार क्यों किया जा रहा है। लोगों ने मांग की है कि राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग एवं जिला प्रशासन तत्काल मौके का निरीक्षण कर इन गतिअवरोधकों को मानकों के अनुरूप व्यवस्थित कराएं तथा पर्याप्त रेडियम, चेतावनी संकेतक एवं प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करें।
क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समस्या का समाधान नहीं किया गया तो उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।





