ऐतिहासिक स्थल सहित क्षेत्र भर को अवैध कालौनाइजर ने घेरा ।प्रशासन मौन।

नसीमखान
सांची,,, वैसे तो इस पर्यटक स्थल पर पुरातत्व विभाग के सख्त नियम लागू होने से भवन निर्माण का सिलसिला थम जाता हैं यहां तक कि पीएम आवास योजना भी धरी रह जाती हैं परन्तु अवैध कालोनियों पर न तो पुरातत्व विभाग न ही प्रशासन की ही नजर पहुंच पाती जिससे क्षेत्र भर मे धडल्ले से अवैध कालोनियों का चलन चल पडा है ।
जानकारी के अनुसार इन दिनों नगर सहित क्षेत्र भर मे अवैध कालोनियों ने कृषि भूमि पर अपना कब्जा जमा लिया है तथा धडल्ले से कृषि भूमि खत्म करने की कवायद तेज हो गई है सांची विदिशा रोड पर बढते दाम ने कृषकों को अपनी कृषि भूमि बेचने मजबूर कर दिया है तथा जिन कृषि भूमि पर अन्नदाता अपनी फसलें उगाकर लोगों का पेट भरते थे अब वह बढती कीमत मिलने से अपनी कृषि भूमि बेचने मजबूर हो चुके है तथा बडे बडे कालोनाइजर इन भूमि को खरीद कर इसको मनमाने दाम पर बेचकर कृषि भूमि बेचकर नोट कमाने की कवायद चल रही है अनेक बडी बडी होटलों लाजो का निर्माण हो चुका है तथा कृषि भूमि से नोट कमाने वाले माफिया सक्रिय बने हुए हैं अनेक विदिशा भोपाल रोड पर कालोनाइजर कालोनी के कार्यों को अंजाम देने जुटे हुए हैं ऐसा भी नहीं है कि इस सब कारनामे की खबर प्रशासन मे बैठे जिम्मैदारो को न हो ।बताया जाता है कि नगर में भवन निर्माण पर पुरातत्व विभाग का कानून आडे आ जाता है तथा जब जब भवन विहीन लोग अपने टूटे फूटे निर्माण शुरू करते हैं तब उन्हें पुरातत्व विभाग नोटिस थमा कर दहशत में डाल देता है जिससे लोगों को आज भी टूटी फूटे टपरों मे अपना जीवन गुजारने मजबूर होना पडता है हद तो तब हो जाती हैं जब गरीब गुरबा को पीएम आवास योजना के लिए चिन्हित तो कर दिया गया तथा आवास निर्माण के पूर्व ही पुरातत्व विभाग के नियमों की भेंट चढ़ जाने से हितग्राहियों को लाभ नही मिल पाता तथा लाभार्थी आवास योजना का लाभ लेने से वंचित रह जाते है हालांकि अनेक असरदार तो कृषि भूमि खरीद फरोख्त कर अपने कारनामे पर पर्दा डालने के लिए ऐसी कृषि भूमि पर पक्के भवन तान देते हैं तथा उसे कृषि फार्म का नाम देकर प्रशासन की नजर से बचने का प्रयास कर लेते हैं ऐसे भवनों पर पुरातत्व विभाग के नियम भी नहीं लागू हो पाते है इस प्रकार इस ऐतिहासिक स्थल सहित क्षेत्र भर पर कालोनाइजरों का जाल फेल चुका है तथा अनेक कालोनियों का खेल जारी है तब यह कहना मुश्किल होता हैं कि इनमे कौन वैध है कौन अवैध है ।हालांकि विगत वर्षों में प्रशासन द्वारा इस क्षेत्र की कालोनियों को अवैध मानते हुए पुलिस मैं प्रकरण भी दर्ज कराये जा चुके हैं बावजूद इसके कालोनियों का जाल फेलता ही जा रहा है तथा प्रशासन ने भी अपनी आंखें बंद कर ली है तब कहीं न कहीं नगर भर मे उठने वाले सवालों की चर्चा नगर भर मैं चल पडी है ।इस मामले में इनका कहना है।।
अवैध कालौनियो पर हमनें पूर्व में भी कार्यवाही की है लगभग तीन कालोनियों पर हमनें प्रकरण दर्ज किये हैं जिनके प्रकरण एसडीएम न्यायालय में चल रहे है ।हमें जहाँ भी जैसे ही अवैध कालोनी की जानकारी मिलती है हम कार्यवाही करेंगे ।इस मामले में हम लोगों को भी जागरूक कर रहे हैं कि जो कालोनी अवैध हैं उनसे किसी भी प्रकार प्लाटों की खरीदारी न करें ।खरीदारी करने के पहले हमारे कार्यालय से जानकारी प्राप्त करें ।बिना किसी सुविधा के अवैध कालोनी में न फंसे ।जहाँ भी अवैध कालोनी की जानकारी मिलती हैं हम तत्काल कार्यवाही करेंगे।श्रीमती नियति साहू अतिरिक्त तहसीलदार सांंची

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