गर्मी शुरू, सांची में ठंडे पानी की व्यवस्था नदारद।सौर ऊर्जा से बने प्याऊ बने शोपीस, पांच में से केवल एक से निकल रहा पानी।

नसीम खान सांची
सांची,,, ऐतिहासिक एवं पर्यटन स्थल के रूप में पहचान रखने वाले नगर में गर्मी का मौसम शुरू होते ही मूलभूत सुविधाओं की कमी उजागर होने लगी है। नगर में जगह-जगह बनाए गए सौर ऊर्जा संचालित प्याऊ आज अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहे हैं, जिससे लोगों को गर्मी में ठंडे पानी के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है।
गर्मी बढ़ने के साथ लोगों को पेड़ों की छांव और ठंडे पानी की आवश्यकता अधिक महसूस होती है, लेकिन नगर में इस दिशा में जिम्मेदारों की उदासीनता साफ दिखाई दे रही है। गर्मी के मौसम में यात्रियों और स्थानीय लोगों को ठंडा पानी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नगर में सौर ऊर्जा से संचालित प्याऊ का निर्माण कराया गया था। इन प्याऊ पर पानी शीतल करने के लिए फ्रीजर तथा पानी की टंकियां भी लगाई गई थीं।
लंबा समय गुजर जाने के बाद इन व्यवस्थाओं की देखरेख लगभग बंद हो चुकी है। कई स्थानों पर प्याऊ के आसपास गंदगी पसरी हुई है और टंकियों की नियमित सफाई भी नहीं हो पा रही है। नगर में करीब पांच प्याऊ बनाए गए थे, लेकिन वर्तमान में बस स्टैंड परिसर स्थित एक प्याऊ से ही किसी तरह पानी निकल रहा है, जबकि शेष प्याऊ बंद पड़े हुए हैं और शोपीस बनकर रह गए हैं।
ऐसे में सवाल उठने लगा है कि जब सरकार की लाखों रुपये की राशि से इन प्याऊ का निर्माण कराया गया था तो उनकी नियमित देखरेख और संचालन की जिम्मेदारी कौन निभाएगा। यदि समय रहते इनकी मरम्मत और सफाई व्यवस्था नहीं की गई तो गर्मी के मौसम में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
नगर परिषद अध्यक्ष पप्पू रेवाराम का कहना है कि “जब से ये प्याऊ बनाए गए हैं, तब से आज तक इन्हें नगर परिषद को औपचारिक रूप से हस्तांतरित नहीं किया गया है। इसके बावजूद हम फ्रीजर आदि का रखरखाव कर उन्हें व्यवस्थित करने का प्रयास करते रहते हैं, ताकि लोगों को इनका लाभ मिल सके।”
वहीं व्यापार महासंघ अध्यक्ष संतोष दुबे का कहना है कि “नगर में प्याऊ तो बना दिए गए, लेकिन निर्माण के बाद उनकी देखरेख नहीं की गई। यही कारण है कि पांच में से केवल एक प्याऊ ही चालू है, वह भी ठंडे की बजाय गर्म पानी दे रहा है। कई बार प्रशासन को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक स्थिति में सुधार नहीं हो सका।”
गर्मी का दौर तेज होने से पहले यदि प्रशासन ने इन प्याऊ को दुरुस्त नहीं कराया, तो करोड़ों की पहचान वाले इस ऐतिहासिक नगर में लोगों को ठंडे पानी के लिए भटकना पड़ सकता है।

  • editornaseem

    Related Posts

    सांची निवासी बघेल बने अनाज तिलहन व्यापार संघ के अध्यक्ष, दी बधाई

    नसीम खानसांची,,,सलामतपुर उपमंडी के अनाज एवं तिलहन व्यापार संघ की व्यापारी बैठक में सर्वसम्मति से सांची निवासी भानु प्रताप बघेल को संघ का नया अध्यक्ष बनाए जाने पर सांची में…

    मौसम ने बदले तेवर, सांची में घने बादल छाए, रुक-रुक कर बारिश से बढ़ी ठंडक

    नसीम खानसांची,,, सुबह से ही मौसम के तेवर बदल गए हैं। आसमान में घने काले बादलों ने डेरा जमा लिया है और नगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में कभी…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    सांची निवासी बघेल बने अनाज तिलहन व्यापार संघ के अध्यक्ष, दी बधाई

    सांची निवासी बघेल बने अनाज तिलहन व्यापार संघ के अध्यक्ष, दी बधाई

    मौसम ने बदले तेवर, सांची में घने बादल छाए, रुक-रुक कर बारिश से बढ़ी ठंडक

    मौसम ने बदले तेवर, सांची में घने बादल छाए, रुक-रुक कर बारिश से बढ़ी ठंडक

    साँची विश्वविद्यालय के 22 छात्रों ने राष्ट्रीय संगोष्ठी में प्रस्तुत किए शोध पत्रडॉ. उपेंद्र बाबू खत्री ने मुख्य वक्ता के रूप में योग की भूमिका पर रखे विचार

    साँची विश्वविद्यालय के 22 छात्रों ने राष्ट्रीय संगोष्ठी में प्रस्तुत किए शोध पत्रडॉ. उपेंद्र बाबू खत्री ने मुख्य वक्ता के रूप में योग की भूमिका पर रखे विचार

    दीपावली पर बकायादारों को रहना पड़ सकता है अंधेरे मेंबकाया राशि जमा करने के लिए आज जल्दी से जल्दी निर्धारित समय, जमा करने की अपील की

    दीपावली पर बकायादारों को रहना पड़ सकता है अंधेरे मेंबकाया राशि जमा करने के लिए आज जल्दी से जल्दी निर्धारित समय, जमा करने की अपील की

    सांची में इंटरनेट सेवा चरमराई, पर्यटक और स्थानीय लोग परेशान

    सांची में इंटरनेट सेवा चरमराई, पर्यटक और स्थानीय लोग परेशान

    डेढ़ करोड़ का आलीशान भवन, फिर भी गंदगी से बेहाल सांचीनगर में सफाई, नालियों, मच्छरों और पेयजल लाइनों की समस्याएं बरकरार, आखिर कब जागेगा नगर परिषद प्रशासन?

    डेढ़ करोड़ का आलीशान भवन, फिर भी गंदगी से बेहाल सांचीनगर में सफाई, नालियों, मच्छरों और पेयजल लाइनों की समस्याएं बरकरार, आखिर कब जागेगा नगर परिषद प्रशासन?