बादलों से बढ़ी उमस, बिजली की आंखमिचौली से बेहाल सांची

नसीमखान सांची

घंटों कटौती से पेयजल, व्यापार और डिजिटल सेवाएं प्रभावित ।नागरिकों ने उठाए सवाल
सांची,,,,
नगर सहित क्षेत्र में इन दिनों मौसम और बिजली व्यवस्था ने मिलकर आमजन की परेशानी बढ़ा दी है। एक ओर आसमान में छाए बादलों ने उमस को असहनीय बना दिया है, वहीं दूसरी ओर बिजली की लगातार आंखमिचौली ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है।
गर्मी के बढ़ते प्रकोप के बीच लोग कूलर-पंखों के सहारे राहत पाने की कोशिश करते हैं, लेकिन उसी दौरान बिजली विभाग द्वारा मेंटेनेंस के नाम पर घंटों कटौती कर दी जाती है। हैरानी की बात यह है कि सालभर चलने वाले मेंटेनेंस कार्य के बावजूद भी बिजली व्यवस्था सुधरने का नाम नहीं ले रही।
इस अव्यवस्था का असर केवल घरेलू जीवन तक सीमित नहीं है। बिजली गुल होते ही पेयजल आपूर्ति बाधित हो जाती है, जिससे लोगों को दोहरी परेशानी झेलनी पड़ रही है। वहीं, सरकारी दफ्तरों में कम्प्यूटरीकृत कार्य प्रभावित हो रहे हैं और बैंकिंग सेवाएं भी बार-बार ठप पड़ने से आमजन और व्यापारी परेशान हैं।
बिजली व्यवस्था की बदहाली का असर धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों पर भी साफ दिखाई दे रहा है, जिससे आयोजनों की रौनक फीकी पड़ रही है। व्यापारियों को भी नुकसान उठाना पड़ रहा है, जिससे स्थानीय व्यापार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
बिजली वितरण कंपनी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। हाल ही में डाली गई नई केबल के बार-बार जलने की घटनाएं उसकी गुणवत्ता पर संदेह उत्पन्न करती हैं, जिससे करोड़ों की खरीदी भी सवालों के घेरे में आ गई है।
इनका कहना है।।
व्यापारी महासंघ अध्यक्ष संतोष दुबे ने कहा कि
“लगातार बिजली कटौती से व्यापार पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। बार-बार बिजली जाने से न केवल आर्थिक नुकसान हो रहा है, बल्कि ग्राहकों पर भी इसका नकारात्मक असर पड़ता है। विभाग को जल्द स्थायी समाधान निकालना चाहिए।”
सपा नेता आर.एस. यादव ने कहा कि
“सांची जैसे ऐतिहासिक स्थल पर इस तरह की बिजली अव्यवस्था बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। सालभर मेंटेनेंस के बावजूद भी सुधार नहीं होना विभाग की लापरवाही को दर्शाता है। आमजन को राहत देने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।”
अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर कब तक सांचीवासी इस बदहाल बिजली व्यवस्था से जूझते रहेंगे और जिम्मेदार विभाग कब तक मेंटेनेंस के नाम पर अपनी जिम्मेदारी से बचता रहेगा।

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