भाजपा परिषद दो धड़ों में बंटी। उपेक्षित नीति के चलते अपने वार्ड में पार्षद अपने खर्चे से जुटा रहे मूलभूत सुविधाएं।

नसीम खान
सांची,,, वैसे तो इस स्थल पर 15 पार्षद वाली परिषद में 14 पार्षद भाजपा के माने जाते हैं बावजूद इसके जैसे जैसे विधानसभा चुनाव नजदीक आते जा रहे हैं वैसे वैसे भाजपा परिषद दो धड़ों में बंटी दिखाई दे रही है तथा उपेक्षित पार्षद अपने खर्चे से ही अपने मतदाताओं से किये वादे पूरे करने की कवायद में जुटे दिखाई दे रहे हैं तथा मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने में आगे बढ़ रहे हैं इससे पार्टी की गुटबाजी नगर में चर्चा का विषय बन चुकी है ।
जानकारी के अनुसार इस विश्व विख्यात पर्यटक स्थल की नगर परिषद कहने को तो 15 पार्षद वाली कहलाती है इस परिषद में विगत परिषद चुनाव में भाजपा ने 15 में से 11 वार्ड में अपना परचम लहराया था तथा तीन वार्ड में तीन पार्षद निर्दलीय विजय प्राप्त कर सफल हुए थे परन्तु यह तीन निर्दलीय पार्षद भी भाजपा समर्थित माने जाते हैं तथा अपना समर्थन भी भाजपा को को दिया था जबकि तत्कालीन परिषद कांग्रेस की हुआ करती थी परन्तु कांग्रेस छोड़ बीजेपी में शामिल होने के कारण डॉ प्रभूराम चौधरी के समर्थन में भाजपा में शामिल हो गए थे पार्टी की अदला बदली के चलते कांग्रेस को परिषद चुनाव में बड़ी पराजय का सामना करना पड़ा था तथा कांग्रेस को मात्र एक ही पार्षद पद हासिल कर संतुष्ट होना पडा। जब परिषद चुनाव में अध्यक्ष पद का निर्वाचन में पार्टी ने वार्ड नं 1 से विजई पार्षद बलराम मालवीय को नामित किया था तथा मालवीय के समर्थक खुशी से झूम उठे। परन्तु श्री मालवीय के सपने तब धराशाई हो गए जब भाजपा में शामिल हुए डॉ प्रभूराम चौधरी के खास माने जाने वाले पप्पू रेवाराम भी वार्ड नं 3 तीन से विजई घोषित हुए थे तथा अध्यक्ष पद पर काबिज होने की कवायद में श्री रेवाराम जुट गये। तब भाजपा में ही अध्यक्ष पद हासिल करने अपनी ही पार्टी में अध्यक्ष पद के चुनाव की नौबत आ गई तथा तभी से भाजपा की परिषद दो धड़ों में बंटी दिखाई देने लगी तथा अध्यक्ष पद पर हुए चुनाव बलराम मालवीय एवं पप्पू रेवाराम आमने-सामने आ खड़े हुए तथा बराबर मत मिलने पर रिटर्निंग अधिकारी द्वारा अध्यक्ष का चुनाव पर्ची माध्यम से करना पडा इस पर्ची उठने में रेवाराम ने अपने प्रतिद्वंद्वी बलराम मालवीय को पराजित कर अध्यक्ष पद हथिया लिया ।तब से ही भाजपा की परिषद में खींचतान शुरू हो गई तथा पार्टी की लड़ाई भी खुलकर सामने आ गई इस आपसी खींचतान में नगर का विकास पूरी तरह चौपट हो गया तथा विकास थम गया परिषद की आपसी खींचतान के चलते अनेक प्रस्ताव भी पारित हुए जो नगर में काफी चर्चित रहे । यहां तक कि नगर वासियों को मूलभूत सुविधाओं से भी हाथ धोना पड़ा। इस विवाद के चलते एक मात्र कांग्रेस पार्षद जो वार्ड नं 7 से विजई होकर पंहुंची चूंकि अध्यक्ष के परिवार के होने के कारण अध्यक्ष की पीआईसी में शामिल करना पड़ा ।तब पीआईसी में शामिल होने के बाद भी कांग्रेस पार्षद के वार्ड में विकास न होने पर विवाद बढ़ा तथा कांग्रेस पार्षद द्वारा कांग्रेस नेताओं के साथ नप अध्यक्ष सीएमओ के विरुद्ध नारेबाजी करते हुए विरोध जताया गया तथा उपेक्षा के आरोप लगाते हुए अध्यक्ष के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया तब अध्यक्ष ने अपनी पीआईसी से कांग्रेस पार्षद को बाहर का रास्ता दिखा दिया । तबसे ही परिषद विवादों में घिर गई तथा विरोधी गुट के पार्षद भी खुलकर विरोध करने मुखर हो गये । तथा परिषद की आपसी लड़ाई का खामियाजा नप में वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को सेवा से हटा कर खामियाजा भुगतना पड़ा तथा परिषद की तानाशाही एवं सरकार में शामिल रहे डॉ चौधरी की गर्मी का खामियाजा दस कर्मचारियों के परिवार भुगत रहे हैं । इतना ही नहीं इस परिषद में समय-समय पर अनेक हेरफेर की चर्चा भी खूब चर्चित हुई । अब जब विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं तथा एक बार फिर भाजपा ने डॉ प्रभूराम चौधरी को अपना उम्मीदवार बनाया तबसे ही अपनी ही पार्टी के असंतुष्टों ने नप में पदों पर बैठे जनप्रतिनिधि एवं डॉ चौधरी के विरुद्ध विकास की बड़ी बड़ी बाते खोखली साबित होने तथा विरोधी खेमे के पार्षदों के वार्ड में विकास में उपेक्षित नीति अपनाने को लेकर मोर्चा खोल दिया है । तथा नगर परिषद द्वारा वार्ड में विकास एवं मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध न कराने पर तथा पार्षदों द्वारा अपने मतदाताओं से किये वादे पूरे करने का अभियान शुरू कर दिया है इसके अंतर्गत वार्ड नं 14 की पार्षद श्रीमती अनुराधा राजकुमार वर्मा ने नप की उपेक्षित नीति का आरोप लगाते हुए अपने स्वयं के खर्चे से वार्ड में एल ए डी लाइट लगाकर अंधेरे से छुटकारा दिलाने की कवायद शुरू कर दी है तथा श्रीमती वर्मा ने नगर परिषद प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि परिषद में बैठे जिम्मेदार भेदभाव पूर्ण रवैया अपना रहे हैं जिससे हमारे वार्ड में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पा रही है अब हम स्वयं अपने खर्चे से वार्ड में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का अभियान चला रहे हैं इस अवसर पर उनके पार्षद पति ने कहा कि वार्ड में गंदगी बढ़ रही है भेदभाव के चलते हम हमारी ट्राली से भी कचरा उठवाना शुरू कर रहे हैं तथा हम अपने स्तर पर वार्ड में साफ-सफाई व्यवस्था सुचारू बनायेंगे । इस अवसर पर वार्ड नं 1 के पार्षद तथा पूर्व अध्यक्ष बलराम मालवीय ने कहा कि नगर परिषद में भेदभाव पूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है तथा हमारे वार्ड में पूरी तरह विकास थम गया है अनेक बार मांग करने के बाद भी न तो विकास ही हो पा रहा है न ही साफ-सफाई न ही बिजली व्यवस्था सुचारू बन पा रही है जबकि हम सभी पार्षद लगातार विकास के लिए परिषद को पूरा सहयोग कर रहे हैं बावजूद इसके हम पार्षदों को विरोधी मानकर परिषद में सत्ता सम्हाले लोग विकास में अड़ंगा लगा रहे हैं । इसी प्रकार वार्ड नं 15 के पार्षद विवेक तिवारी ने कहा कि बार बार कहने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं होती है जिससे हम स्वयं अपने वार्ड में विकास का बीड़ा उठा रहे हैं तथा जनता से किए वादे पूरे करने का प्रयास कर रहे हैं।। बहरहाल जो भी हो नगर परिषद इन दिनों चर्चा में घिरी हुई है तथा कागजों में विकास दौड़ रहे हैं जबकि धरातल विकास से काफी दूर दिखाई दे रहा है । तथा नगर परिषद में होने वाले उलटफेर हमेशा से नगर में चर्चित होते रहे हैं नगर वासियों ने भी बताया कि इस नगर परिषद की उच्च स्तरीय जांच की जाये जिसमें बड़ी हेर-फेर उजागर होने से इंकार नहीं किया जा सकता है।

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