नसीम खान
सांची,,,, नगर के स्तूप पहाड़ी क्षेत्र के आसपास करीब एक माह से दिखाई दे रहे तेंदुए को आखिरकार वन विभाग की टीम ने पकड़ने में सफलता हासिल कर ली। तेंदुए की मौजूदगी से क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ था। उसके पकड़े जाने के बाद स्थानीय लोगों के साथ ही वन विभाग और स्तूप प्रशासन ने भी राहत की सांस ली है।
जानकारी के अनुसार करीब एक माह पूर्व स्तूप पहाड़ी से लगे क्षेत्र में तेंदुआ दिखाई देने के बाद इसकी सूचना वन विभाग को दी गई थी। इसके बाद विभाग की टीम ने क्षेत्र में लगातार निगरानी शुरू कर दी थी। तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए करीब एक दर्जन वनकर्मियों की चौबीस घंटे तैनाती की गई थी, वहीं लगभग 14 कैमरों के माध्यम से भी क्षेत्र की निगरानी की जा रही थी। इसके बावजूद तेंदुआ लगातार वन विभाग की पकड़ से बाहर रहा।
बताया जाता है कि इस दौरान तेंदुए द्वारा कुछ पशुओं और कुत्ते-बकरियों का शिकार किए जाने की जानकारी भी सामने आई। आबादी वाले क्षेत्र के आसपास उसकी मौजूदगी को देखते हुए वन विभाग लगातार सतर्क रहा। वरिष्ठ अधिकारियों ने भी क्षेत्र का निरीक्षण कर तेंदुए को सुरक्षित तरीके से पकड़ने की रणनीति तैयार की।
तेंदुए को पकड़ने के लिए मुख्य वन्य प्राणी अभिरक्षक (CWLW), भोपाल से आवश्यक अनुमति प्राप्त करने के बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। इसके तहत क्षेत्र में पिंजरा लगाया गया और उसमें बकरी को रखा गया, ताकि तेंदुआ उसके आकर्षण में पिंजरे तक पहुंच सके। हालांकि कई दिनों तक तेंदुआ पिंजरे के आसपास नहीं आया।
इधर, तेंदुए की मौजूदगी को देखते हुए स्तूप प्रशासन भी सतर्क हो गया था। कर्मचारियों और पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पहाड़ी के मध्य स्थित स्तूप क्षेत्र में आवागमन पर प्रतिबंध लगाया गया था, ताकि किसी भी संभावित अनहोनी से बचा जा सके।
आखिरकार मंगलवार रात तेंदुआ पिंजरे तक पहुंच गया और उसमें कैद हो गया। तेंदुए के पिंजरे में कैद होने की सूचना मिलते ही मौके पर तैनात वन विभाग की टीम पहुंची और वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई। इसके बाद वन विभाग की टीम तेंदुए को लेकर रवाना हो गई।
लगभग एक माह से तेंदुए की दहशत झेल रहे लोगों ने उसके पकड़े जाने के बाद राहत की सांस ली है। अब क्षेत्र में लोगों और पर्यटकों की आवाजाही सामान्य होने की उम्मीद है।वहीं वनविभाग ने भी राहत की सांस ली है।





