बिजली और अव्यवस्था के बीच दम तोड़ती जलापूर्ति, सांची में बूंद-बूंद पानी को तरसे लोग।भीषण गर्मी में दो दिन में आधा घंटे पानी, जिम्मेदार विभाग एक-दूसरे पर डाल रहे ठीकरा

नसीमखान सांची
सांची,,,
जैसे-जैसे गर्मी अपने चरम पर पहुंच रही है, वैसे-वैसे सांची नगर में जलसंकट भयावह रूप लेता जा रहा है। हालात यह हैं कि जलापूर्ति बिजली की अनियमितता और प्रशासनिक अव्यवस्था के बीच उलझकर दम तोड़ती नजर आ रही है। आम नागरिक बूंद-बूंद पानी के लिए जूझने को मजबूर हैं, जबकि जिम्मेदार विभाग चुप्पी साधे बैठे हैं।
नगर में पेयजल आपूर्ति की जिम्मेदारी नगर परिषद के पास है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे कोसों दूर दिखाई देती है। वर्ष 2020 से चल रही जलसंवर्धन योजना अब तक केवल आश्वासनों तक सीमित है। बार-बार किए गए वादों के बावजूद नगरवासियों को राहत नहीं मिल सकी है, जिससे लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
स्थिति यह है कि नगर में दो दिन में एक बार मात्र आधे घंटे के लिए पानी दिया जा रहा है, वह भी अनियमित तरीके से। इस अल्प समय में भी कई घरों तक पानी नहीं पहुंच पाता, जिससे लोगों को पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। हालात और तब बिगड़ जाते हैं जब अवकाश के दिनों में जिम्मेदार अधिकारी अपने कर्तव्यों से दूरी बना लेते हैं। ऐसे समय में जलापूर्ति व्यवस्था पूरी तरह चरमरा जाती है।
समस्या केवल जलापूर्ति तक सीमित नहीं है। बिजली की लगातार हो रही कटौती ने हालात को और गंभीर बना दिया है। विद्युत वितरण कंपनी द्वारा समय-असमय बिजली बंद किए जाने से पानी की सप्लाई बाधित हो रही है। नगरवासियों का कहना है कि बिजली कब आएगी और कब जाएगी, इसका कोई निश्चित समय नहीं है, जिससे पूरी व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
हैरानी की बात यह है कि जहां एक ओर लोगों से पानी और बिजली के नाम पर नियमित रूप से शुल्क वसूला जा रहा है, वहीं दूसरी ओर मूलभूत सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। इससे आम नागरिक खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
सांची, जो अपनी ऐतिहासिक और वैश्विक पहचान के लिए जाना जाता है, वहां मूलभूत सुविधाओं का यह हाल जिम्मेदारों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। स्थानीय प्रशासन और विद्युत विभाग के बीच समन्वय की कमी का खामियाजा सीधे तौर पर जनता को भुगतना पड़ रहा है। दोनों विभाग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालकर पल्ला झाड़ रहे हैं।
अधिकारियों के बयान:
नगर परिषद सीएमओ रामलाल का कहना है कि आंधी-तूफान के कारण पेड़ों के गिरने से बिजली व्यवस्था बाधित हुई है, जिससे जलापूर्ति प्रभावित हुई है। उन्होंने बताया कि इस समस्या से एसडीएम को अवगत करा दिया गया है और जल्द ही सुधार की उम्मीद है।
वहीं विद्युत कर्मचारी नागपुरे के अनुसार आंधी के चलते लाइनें टूट गई हैं, जिन्हें सुधारने का कार्य जारी है और जल्द ही बिजली व्यवस्था बहाल कर दी जाएगी।
सवाल यही है—आखिर कब तक सांची के लोग ‘आश्वासन’ पीकर प्यास बुझाते रहेंगे?

  • editornaseem

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