भीषण गर्मी से बेहाल सांची, तापमान 41 डिग्री पहुंचापेड़ों की लगातार कटाई और हरियाली खत्म होने से बढ़ी परेशानी, दिनभर ठंडे पानी और छांव की तलाश में भटक रहे लोग

नसीमखान सांची
सांची — नगर सहित क्षेत्र में लगातार बढ़ रही गर्मी अब लोगों के लिए परेशानी का कारण बनती जा रही है। तापमान 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने से जनजीवन प्रभावित होने लगा है। भीषण गर्म हवाओं और आग उगलती धूप ने लोगों को घरों में कैद होने पर मजबूर कर दिया है। हालात यह हैं कि पंखे और कूलर भी राहत देने के बजाय गर्म हवा फेंकते नजर आ रहे हैं, जिससे लोगों की बेचैनी लगातार बढ़ रही है। कभी कभी इस गर्मी में बिजली की आंखमिचौली भी परेशानी बढाने का कारण बनती जा रही है।
जानकारी के अनुसार बढ़ती गर्मी का असर बाजारों में भी साफ दिखाई देने लगा है। दोपहर के समय बाजारों में सन्नाटा पसरा रहता है, जबकि जरूरी काम से बाहर निकलने वाले लोग भी तेज धूप और लू से परेशान दिखाई दे रहे हैं। लोग पल-पल ठंडे पानी और छांव की तलाश में भटकते नजर आ रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि एक समय सांची क्षेत्र घने पेड़-पौधों और हरियाली के लिए जाना जाता था, लेकिन विकास कार्यों और लगातार हो रही कटाई के कारण अब नगर का अधिकांश हिस्सा वृक्षविहीन होता जा रहा है। आबादी बढ़ने के साथ हरियाली भी तेजी से कम हुई है। वर्षों से बड़े स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चलाए जाते रहे, लेकिन जिम्मेदार विभाग पौधारोपण के बाद उनकी देखरेख करना भूल गए। परिणामस्वरूप अधिकांश पौधे नष्ट हो गए और वृक्षारोपण अभियान केवल औपचारिकता बनकर रह गया।
नागरिकों ने राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण कार्य के दौरान बड़ी संख्या में काटे गए पेड़ों का मुद्दा भी उठाया। लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण एजेंसी द्वारा छोटे-बड़े पेड़ों की कटाई की गई थी। उस समय एजेंसी ने हटाए गए पेड़ों से अधिक पौधे लगाने का आश्वासन दिया था, लेकिन निर्माण कार्य पूरा होने के बाद यह वादा अधूरा ही रह गया। आज भी सड़क किनारे पड़े सूखे ठूंठ उजड़ी हरियाली की कहानी बयां कर रहे हैं।
मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार आने वाले दिनों में गर्मी का असर और बढ़ सकता है। ऐसे में नागरिकों ने प्रशासन से बड़े स्तर पर प्रभावी वृक्षारोपण और हरियाली बचाने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।
यदि समय रहते हरियाली बचाने की दिशा में गंभीर प्रयास नहीं किए गए, तो आने वाले वर्षों में बढ़ती गर्मी लोगों के लिए और बड़ा संकट बन सकती है।

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