लंबे अरसे से बंद सांची सिविल अस्पताल की एक्स-रे मशीन — स्वास्थ्य विभाग बना बेखबर, मरीज बेहाल।

नसीमखान सांची

एक्सरा मशीन मरम्मत के इंतज़ार में ठप स्वास्थ्य सुविधा, मरीजों को विदिशा–भोपाल जाना पड़ रहा ।
सांची,,, ऐतिहासिक और पर्यटन दृष्टि से महत्वपूर्ण इस नगर के सिविल अस्पताल का उन्नयन तो कर दिया गया, परंतु व्यवस्थाओं में सुधार अब तक नहीं हो सका है। अव्यवस्था और सुविधाओं के अभाव ने मरीजों की परेशानियाँ बढ़ा दी हैं।
जानकारी के अनुसार, इस ऐतिहासिक स्थल पर रोजाना देश-विदेश से पर्यटक एवं विशिष्ट अतिथि आते रहते हैं। साथ ही, क्षेत्र में होने वाली छोटी-बड़ी दुर्घटनाओं के कारण घायल व्यक्तियों को अक्सर तत्काल उपचार की आवश्यकता होती है। ऐसे में अस्पताल की सेवाओं का सुचारू रहना अत्यंत आवश्यक है, किंतु वास्तविकता इससे उलट है।
सिविल अस्पताल में लंबे समय से एक्स-रे मशीन बंद पड़ी है। मरीजों को हर बार अस्पताल से यही जवाब मिलता है— “एक्स-रे मशीन खराब है।” मजबूरन घायल एवं बीमार मरीजों को विदिशा या भोपाल जाकर एक्स-रे करवाना पड़ता है, जिससे न केवल समय की बर्बादी होती है, बल्कि गंभीर अवस्था में मरीजों को अतिरिक्त तकलीफ भी उठानी पड़ती है।
जानकारी के अनुसार, पहले कार्यरत अनुभवी एक्स-रे तकनीशियन का स्थानांतरण कर दिया गया था। उसके बाद भोपाल से आए नए कर्मचारी को तो पदस्थ कर दिया गया, किंतु मशीन खराब होने के कारण वे कार्य नहीं कर पा रहे हैं। इस कारण एक्स-रे सुविधा पूरी तरह ठप पड़ी हुई है।
अस्पताल प्रभारी बीएमओ रवि राठौर ने बताया कि—
“अस्पताल की एक्स-रे मशीन लंबे समय से बंद है। इसमें प्रयुक्त कैसिट खराब हो चुके हैं और नए कैसिट काफी महंगे हैं। हमने इस संबंध में जिला स्वास्थ्य विभाग को कई बार पत्र भेजे हैं, लेकिन अब तक मशीन की मरम्मत नहीं हो सकी है। यह कार्य शासन स्तर से होता है, जिससे सुधार प्रक्रिया में देरी हो रही है।”
नागरिकों की मांग।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग यदि शीघ्र कदम नहीं उठाता, तो किसी भी आपात स्थिति में बड़ी समस्या उत्पन्न हो सकती है। नागरिकों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से आग्रह किया है कि सांची सिविल अस्पताल की एक्स-रे मशीन को तुरंत सुधार कर सुविधा पुनः प्रारंभ की जाए, ताकि मरीजों को राहत मिल सके और आपात सेवाएँ बाधित न हों।

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