सांची रेलवे स्टेशन का आधुनिकीकरण पर्यटन को देगा बढ़ावा, लेकिन ट्रेन स्टॉपेज न होने से अधूरा रह जाएगा लाभ ।

नसीमखान

सांची ,, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से विश्वविख्यात सांची नगर का रेलवे स्टेशन अब आधुनिकता की ओर तेजी से बढ़ रहा है। रेल मंत्रालय द्वारा अमृत भारत योजना के तहत लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत से इस स्टेशन का कायाकल्प अंतिम चरण में है। स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित कर एक आदर्श स्टेशन का रूप दिया जा रहा है, जिसमें बौद्ध कला और स्थापत्य का अद्भुत समावेश होगा। लेकिन सवाल यह है कि जब यहाँ ट्रेनें रुकेंगी ही नहीं, तो इन सुविधाओं का लाभ आखिर किसे मिलेगा?
पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा, पर स्टॉपेज नहीं तो सब अधूरा ।
सांची न केवल मध्यप्रदेश, बल्कि भारत का एक ऐसा धरोहर स्थल है जहाँ हर वर्ष हजारों देशी-विदेशी पर्यटक आते हैं। यहाँ के बौद्ध स्तूप, यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल हैं। ऐसे में रेलवे स्टेशन का आधुनिकीकरण स्वागत योग्य कदम है। स्टेशन पर प्रवेश और निकास द्वार, सर्कुलेटिंग एरिया, पार्किंग, दिव्यांग यात्रियों के लिए रैंप, आधुनिक शौचालय, प्रतीक्षालय, चौड़ा फुटओवर ब्रिज जैसी सुविधाएँ विकसित की जा रही हैं। लेकिन जब यहाँ गाड़ियों का ठहराव ही नहीं होगा तो पर्यटक इन सुविधाओं तक कैसे पहुँचेंगे?
कोरोना काल में बंद हुए स्टॉपेज, अब तक बहाल नहीं ।
कोरोना काल के दौरान सुरक्षा कारणों से बंद किए गए ट्रेन स्टॉपेज आज तक बहाल नहीं हो सके हैं। वर्तमान में केवल एक-दो लोकल ट्रेनें ही यहाँ रुकती हैं। ऐसे में लंबी दूरी से आने वाले पर्यटकों को विदिशा या भोपाल उतरकर सड़क मार्ग से सांची आना पड़ता है, जिससे न केवल समय की बर्बादी होती है, बल्कि अतिरिक्त खर्च और सुरक्षा जोखिम भी बढ़ जाते हैं। इससे सांची आने वाले पर्यटकों की संख्या पर भी प्रभाव पड़ा है।
स्टॉपेज से मिलेगा स्थानीय जनता को भी लाभ ।
यदि यहाँ नियमित ट्रेनें रुकेंगी, तो पर्यटक केवल आएंगे ही नहीं बल्कि यहाँ ठहरेंगे भी, जिससे स्थानीय व्यापारियों को लाभ मिलेगा, रोजगार के अवसर पैदा होंगे, और युवाओं को स्थानीय स्तर पर बेहतर अवसर प्राप्त हो सकेंगे। इसके साथ ही छात्र, कर्मचारी, अपडाउनर्स और स्वयं रेलवे के कर्मचारी भी इससे लाभान्वित होंगे।
जनप्रतिनिधियों से की गई है बार-बार मांग ।
व्यवसायियों, छात्रों, नगर परिषद, महाबोधि सोसायटी, बौद्ध मठाधीशों सहित जनसामान्य ने रेलवे विभाग, प्रशासन, सांसदों और विधायकों से बार-बार ट्रेन स्टॉपेज की मांग की है। लेकिन आज तक केवल आश्वासन ही मिले हैं, परिणाम नहीं। क्षेत्रीय सांसद और केंद्रीय कृषि मंत्री, जो प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भी रह चुके हैं, से अब नगरवासियों को आशा है कि वे इस ऐतिहासिक स्थल को स्टॉपेज की सौगात दिलाने में निर्णायक भूमिका निभाएंगे।
जब स्टॉपेज नहीं तो आधुनिकीकरण व्यर्थ ।
यदि करोड़ों रुपये की लागत से तैयार किए जा रहे इस अत्याधुनिक स्टेशन पर ट्रेनें नहीं रुकेंगी, तो इस पर किया जा रहा खर्च जनता की मेहनत की कमाई की बर्बादी साबित होगा। स्टेशन की भव्यता तब तक अधूरी है, जब तक यह वास्तविक रूप से यात्रियों की सुविधा का केंद्र न बने।
अब आवश्यकता इस बात की है कि सिर्फ स्टेशन को सजाया न जाए, बल्कि उसे यात्रियों के लिए उपयोगी भी बनाया जाए। इसके लिए ट्रेन स्टॉपेज बहाल किया जाना समय की मांग है।

  • editornaseem

    Related Posts

    छात्रों के भविष्य से खिलवाड़! सांची के छात्रावास में व्यवस्थाओं की खुली पोल, निरीक्षण में सामने आईं कई गंभीर खामियां

    सांची |नसीम खान रायसेन। सरकार जहां विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा और सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, वहीं जमीनी स्तर पर व्यवस्थाओं की हकीकत कुछ…

    राहुल गांधी का अमित शाह पर बड़ा आरोप, बोले- छात्र प्रदर्शन पर हुई कार्रवाई की होनी चाहिए जवाबदेही

    Live khabar india नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने छात्र प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। बुधवार को आयोजित एक प्रेस…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    छात्रों के भविष्य से खिलवाड़! सांची के छात्रावास में व्यवस्थाओं की खुली पोल, निरीक्षण में सामने आईं कई गंभीर खामियां

    छात्रों के भविष्य से खिलवाड़! सांची के छात्रावास में व्यवस्थाओं की खुली पोल, निरीक्षण में सामने आईं कई गंभीर खामियां

    राहुल गांधी का अमित शाह पर बड़ा आरोप, बोले- छात्र प्रदर्शन पर हुई कार्रवाई की होनी चाहिए जवाबदेही

    राहुल गांधी का अमित शाह पर बड़ा आरोप, बोले- छात्र प्रदर्शन पर हुई कार्रवाई की होनी चाहिए जवाबदेही

    किसान आंदोलन के बीच CM मोहन यादव का बड़ा फैसला, किसानों के लिए बनी मंत्री समूह की समिति

    किसान आंदोलन के बीच CM मोहन यादव का बड़ा फैसला, किसानों के लिए बनी मंत्री समूह की समिति

    भोपाल में किसान आंदोलन पर क्या बोले मुख्यमंत्री मोहन यादव ? देखें पूरा VIDEO

    भोपाल में किसान आंदोलन पर क्या बोले मुख्यमंत्री मोहन यादव ? देखें पूरा VIDEO

    भीख नहीं, अधिकार चाहिए! बैरिकेड्स तोड़ राजधानी पहुंचे किसान, भोपाल में आर-पार की लड़ाई

    भीख नहीं, अधिकार चाहिए! बैरिकेड्स तोड़ राजधानी पहुंचे किसान, भोपाल में आर-पार की लड़ाई

    BPSC शिक्षक भर्ती पेपर लीक: सरकारी डॉक्टर डॉ. मनीष कुमार गिरफ्तार, करोड़ों की वसूली का आरोप

    BPSC शिक्षक भर्ती पेपर लीक: सरकारी डॉक्टर डॉ. मनीष कुमार गिरफ्तार, करोड़ों की वसूली का आरोप