नसीमखान
सांची, परंपरागत मान्यता के अनुसार, नौतपा के दौरान जितनी अधिक तपिश होती है, उतनी ही अच्छी बारिश की संभावना बनती है। किंतु इस वर्ष यह मान्यता मौसम के अचानक बदले मिजाज के कारण कमजोर पड़ती दिख रही है।
नौतपा के दूसरे दिन से ही जहां दिन के समय तापमान में वृद्धि देखी गई, वहीं शाम होते ही मौसम ने अपना रुख बदल लिया। मंगलवार शाम को अचानक आसमान में घने काले बादल छा गए, तेज हवाओं के साथ आंधी आई, और देखते ही देखते बारिश ने दस्तक दे दी। बिजली की गड़गड़ाहट और चमक के साथ शुरू हुई बारिश का सिलसिला पूरी रात कभी तेज तो कभी धीमी गति से चलता रहा।
बुधवार को दिन में गर्मी का असर बरकरार रहा और तापमान लगातार बढ़ता गया, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ। हालांकि शाम होते-होते फिर से आसमान में बादलों का जमावड़ा दिखाई दिया, जिससे तापमान में गिरावट आई और एक बार फिर बारिश की आशंका गहराने लगी।
हालांकि विशेषज्ञों के अनुसार अभी मानसून के आगमन में समय है, लेकिन इस समय हो रही बारिश ने लोगों को मानसूनी आभास जरूर दे दिया है। शहर की स्थिति देखें तो जगह-जगह जलभराव की समस्या खड़ी हो गई है। सड़कों और गलियों में भरे पानी के कारण आवागमन बाधित हो गया है, जिससे आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अब जनता की निगाहें प्रशासन पर टिक गई हैं। लोग उम्मीद कर रहे हैं कि आने वाले दिनों में प्रशासन वर्षा जल निकासी की उचित व्यवस्था करेगा, ताकि बारिश के दौरान लोगों को असुविधा से राहत मिल सके।






