नसीमखान
सांची,,, इन दिनों जनपद पंचायत सांची अंतर्गत ग्राम पंचायतों में सचिवों सहायक सचिवो की भारी कमी के चलते सरकारी योजनाओं के धरातल पर उतरने का आसानी से अंदाजा लगाया जा सकता है जिससे ग्रामीणो को सरकारी योजना के लाभ के लिए तरसने मजबूर होना पड रहा है ।
जानकारी के अनुसार सांची जनपद पंचायत अंतर्गत 83 ग्राम पंचायत आती हैं तथा इन ग्राम पंचायतों में 83 सचिव एवं रोजगार सहायक पदस्थापना होती हैं ।जिससे सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ धरातल पर उतारा जा सके तथा घर घर सरकारी योजना पहुंच सके ।कहने को तो सरकार सैकड़ों जनकल्याण कारी योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने की कवायद में जुटी हुई है तथा घर घर जनकल्याण कारी योजना का लाभ पहुंचाने की जद्दोजहद मे जुटी हुई है परन्तु यह योजना तब दम तोडते दिखाई दे जाती हैं जब इन योजना के क्रियान्वयन करने वालों का टोटा बन जाता है ऐसा ही मामला सांची जनपद पंचायत अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायतों में तब दिखाई देता है जब इन पंचायतों में सचिवो की खासी कमी बन जाती हैं इस जनपद पंचायत में भी मात्र 66 सचिव एवं 75 रोजगार सहायक ही बचे हैं 83 पंचायतों के सचिवो मे से कुछ स्वर्ग वासी हो गए तो कुछ अवकाश प्राप्त कर चुके है इस स्थिति में जनपद पंचायत को लगभग 17 सचिव एवं 8 रोजगार सचिव के पद लंबे अरसे से रिक्त पड़े हुए है जिससे रिक्त पदों पर आसपास ग्राम पंचायतों के सचिवो पर भार डाल दिया गया है जिससे एक एक सचिव के जिम्मे दो पंचायत की जिम्मेदारी सौंपी गयी है इन मे एक पंचायत में तो सहायक सचिव ही नहीं है तब आसानी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि सरकार की जनकल्याण कारी योजना किस प्रकार जमीनी स्तर तक पहुंच सकेगी ।इसका सीधा असर ग्रामीणो तक पहुचने वाली जनकल्याण कारी योजनाओं पर पड रहा है तब ग्रामीण सरकारी योजनाओं का लाभ पाने दरदर भटकते दिखाई दे जाते है ।हालांकि जनपद पंचायत में बैठे जिम्मैदारो को इस समस्या से कोई सरोकार नहीं रहा है ।हालांकि जनपद पंचायत में होने वाले विकास कार्य हमेशा से ही चर्चित रहे है तथा जनपद पंचायत में कमीशन खोरी का खेल भी किसी से छिपा नहीं रहा है यहां तक कि पंचायतों में चलने वाले विकास के नाम पर भारी भृष्टाचार की चर्चा भी देखने सुनने को मिल जाती हैं परंतु सचिवो की कमी दूर करने कहीं न कहीं चर्चाओं को जन्म दे रही हैं बताया जाता हैं कि सचिव एवं रोजगार सहायक की नियुक्ति शासन द्वारा की जाती है परन्तु यहां जमे अधिकारी इन सब पंचायत समस्याओं से बेखबर बने बैठे हैं न तो उन्हें सरकारी योजनाओं को धरातल पर पहुंचाने की चिंता है न ही पंचायतों में सचिवो की पूर्ति हेतु शासन से मांग करने की ही फ्रिक हो सकी है इस गंभीर समस्या से सचिव विहीन पंचायतों के सरपंच भी असमंजस की स्थिति में पहुंच चुके है ।शासन प्रशासन ऐसे ही लापरवाह बना रहा तो वह दिन दूर नहीं जब सचिव संख्या कम होती जायेगी तथा सरकारी योजनाये या तो कागजी बनकर रह जायेगी अथवा जनकल्याण कारी योजना अधर मे लटक कर दम तोड़ देगी।इस मामले में इनका कहना है।।
जनपद पंचायत सांची अंतर्गत पंचायतों में कुल 83 पंचायत हैं इनमे कार्यरत सचिव 66 हैं तथा रोजगार सहायक 75 हैं ।कुछ सचिव अवकाश प्राप्त कर चुके हैं तो कुछ स्वर्ग वासी हो गए है आसपास ग्राम पंचायतों के सचिवो को रिक्त पंचायत प्रभार सौपे गए है ।अब सचिव सहायक सचिव की पदस्थापना शासन द्वारा की जाती हैं हम लगातार शासन की योजना को क्रियान्वयन कर रहे है ।अजय असैय्या पंचायत निरीक्षक सांची






