नसीमखान सांची
सांची,,, आज नगर में विश्वकर्मा जयंती हर्षोल्लास एवं श्रद्धा के साथ मनाई गई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में विश्वकर्मा समाज के लोग एवं नगर के गणमान्य नागरिक सम्मिलित हुए।
श्री विश्वकर्मा जी की भव्य शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से निकाली गई, जिसका जगह-जगह स्वागत किया गया। नगरवासियों ने शोभायात्रा पर पुष्पवर्षा कर श्रद्धा अर्पित की। यात्रा के उपरांत आयोजन का समापन सामूहिक कार्यक्रमों के साथ किया गया।
भगवान विश्वकर्मा का संक्षिप्त परिचय
विश्वकर्मा को देवताओं का शिल्पी तथा प्रथम वास्तुकार माना जाता है। उन्हें सृष्टि का प्रथम अभियंता और यांत्रिकी विज्ञान का जनक कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार स्वर्गलोक, लंका, द्वारका, हस्तिनापुर और इन्द्रपुरी जैसी अद्भुत नगरीय संरचनाएं उन्हीं की कृतियां हैं।
उनके आविष्कार और निर्माण कौशल के कारण ही उन्हें ‘देवशिल्पी’ की उपाधि प्राप्त है। भारत ही नहीं, विश्व के अनेक हिस्सों में विश्वकर्मा जयंती को श्रम, कौशल और तकनीकी विकास के प्रतीक पर्व के रूप में मनाया जाता है।






